Monday, 9 September 2013

पुराने मॉडल की कार को नयी दिखाकर बेचने पर भरने होंगे 8,60,000


मंडी। जिला उपभोक्ता फोरम ने नये माडल की जगह पुराने माडल का वाहन बेचने पर वाहन विक्रेता और वाहन निर्माता कंपनी को उपभोक्ता के पक्ष में वाहन की कीमत 7,55,000 रूपये ब्याज समेत अदा करने के आदेश दिये। इसके अलावा उपभोक्ता को पहुंची मानसिक यंत्रणा के बदले 1,00,000 रूपये तथा शिकायत व्यय के तौर पर 5000 रूपये भी अदा करने के आदेश दिये। जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष जे एन यादव और सदस्यों रमा वर्मा एवं लाल सिंह ने चच्योट तहसील के चैलचौक निवासी राकेश कुमार पुत्र हरी सिंह की शिकायत को उचित मानते हुए वाहन निर्माता भंगरोटू (नेरचौक) स्थित मैसर्ज शिमला आटोमोबाइल और निर्माता मुमबई के वरली स्थित मैसर्ज महिन्द्रा एंड महिन्द्रा को उक्त राशि की अदायगी संयुक्त रूप से 12 प्रतिशत ब्याज दर सहित अदा करने का फैसला सुनाया। उपभोक्ता को राशि प्राप्त होने के बाद 10 दिनों के भीतर वाहन को विक्रेता के सुपुर्द करना होगा। अधिवक्ता समीर कश्यप के माध्यम से फोरम में दायर शिकायत के अनुसार उपभोक्ता ने उक्त विक्रेता से महिन्द्रा जाईलो 2010 मॉडल वाहन खरीदा था। लेकिन वाहन खरीदने के एक सप्ताह में ही इसके रिवर्स गियर में खराबी आ गई। जिसके चलते उपभोक्ता ने वाहन को मुरममत के लिए विक्रेता के पास पहुंचाया। लेकिन विक्रेता ने पुरा गियर बाक्स बदलने की बजाय एक ही गियर बदला। इसके कुछ समय बाद स्टेयरिंग में खराबी आने पर विक्रेता ने स्टीयरिंग को बदल दिया। इसके अलावा भी अनेकों बार वाहन में खराबी आई और उपभोक्ता को हर बार वारंटी अवधि होने के बावजूद मुरममत करने के लिए राशि खर्च पडी। ऐसे में उपभोक्ता ने फोरम में शिकायत दायर की थी। फोरम ने अपने फैसले में कहा कि उपभोक्ता की ओर से विशेषज्ञ इंजिनियर एल आर शर्मा की रिर्पोट पेश की गई थी। जिसमें जाहिर किया गया था कि वाहन को वारंटी अवधि में ही 20 बार मुरममत करवाना पडा है। विशेषज्ञ का मानना था कि उपभोक्ता के वाहन में निर्माण से संबंधित खराबी है। इसके अलावा वाहन के इंजन सहित कई पुर्जे 2009 में निर्मित थे। वाहन के निर्माण के समय के बारे में विसंगतियां पाई गई। सूचना के आधार पर मांगी सूचना में क्षेत्रीय वाहन कार्यालय का कहना था कि वाहन 2008 का मॉडल है। ऐसे में फोरम ने विक्रेता और निर्माता द्वारा नये वाहन की कीमत वसूल करके पुराने मॉडल के वाहन को बेचने की कार्यप्रणाली को उनकी सेवाओं में कमी करार दिया। जिसके चलते फोरम ने उन्हे उपभोक्ता के वाहन की कीमत ब्याज सहित अदा करने के अलावा सेवाओं में कमी से हुई मानसिक यंत्रणा के बदले हर्जाना और शिकायत व्यय भी अदा करने का फैसला सुनाया।

Friday, 6 September 2013

सनोर घाटी की जलौणी गणेश जाग 8 सितंबर को


मंडी। सनोर घाटी के जला गांव की जलौणी गणेश मंदिर की प्रसिध जाग रविवार को आयोजित होगी। मंदिर कमेटी के सदस्य अतुल शर्मा ने बताया कि पांडव अज्ञातवास स्थली सनोर घाटी के जला गांव के प्राचीन जलौणी गणेश मंदिर में हर साल के भांती इस वर्ष भी 8 सितंबर को परंपरागत होम (जाग) का आयोजन किया जाएगा। उन्होने बताया कि इस जाग में विघन बाधा, संतान तथा अन्य प्रकार के कष्टों का निवारण देवता के माध्यम से किया जाता है। मंदिर कमेटी ने लोगों को जाग में बढ चढ कर भाग लेने के लिए आमंत्रित किया है।

Thursday, 5 September 2013

शिक्षक



शिक्षक


धन्यावाद

हमें ज्ञान की रोशनी

देने के लिए मेरे शिक्षक

तुम ही थे जिन्होने हमें

जिंदगी का ककहरा सिखाया

हमें अच्छी तरह याद है

पहला दिन जब सकुचाते हुए

हमने प्रवेश किया था

जिंदगी की पाठशाला में

तब तुम ही थे कि

हमारा हाथ पकड कर

पहला पन्ना लिखना

सिखाया था

तुम्हारी निगरानी में

हर दिन बढते गये हम

पढते गये हम

सीखते गए हम

चुप से रहने वाले

तुम्हारी शिक्षा की रोशनी में

स्फुटित होने लगे हम

निखरने लगे हम

भाग्यशाली हैं हम

कि नहीं थे हमारे शिक्षक ब्रह्मराक्षस

कि ज्ञान न बांटने पर भटक रही हो

आत्मा जिनकी

पात्र शिष्य की तलाश में

शिक्षक तुमने हमेशा ही

दिया है विद्या दान

पात्र-कुपात्र की परिभाषाओं से दूर

धन्यावाद है तुम्हे शिक्षक

ज्ञान को समाज में बांटने का बीजमंत्र देकर

बह्रराक्षस की अभिशप्तता से बचनेका

मुक्ति पथ दिखलाने के लिए।

समीर कश्यप

5/9/2013

sameermandi@gmail.com

डीएवी आर्यसमाज प्राथमिक शाखा में शिक्षक दिवस आयोजित


मंडी। डीएवी आर्यसमाज प्राइमरी शाखा में शिक्षक दिवस धुमधाम से मनाया गया। पाठशाला की मुखयध्यापिका रचना ने बताया कि इस मौके पर बच्चों ने अपने शिक्षकों को कार्डस, फूलों और गिफटस देकर उन्हे आदर दिया। इस मौके पर बच्चों ने गीतों, कविताओं और रंगारंग कार्यक्रम से सभी का मन मोह लिया। शिक्षक दिवस पर पाठशाला के सभी शिक्षक मौजूद थे। इस मौके पर शिक्षकों ने छात्रों को दिल लगा कर पढाई में मेहनत करने का आहवान किया। शिक्षक दिवस के मौके पर शिक्षक अपने प्रोफेशन को लेकर संतुष्ट और खुश नजर आए।

Tuesday, 3 September 2013

बलेजफलैश कुरियर कंपनी को हर्जाना अदा करने के आदेश


मंडी। पार्सल गंतव्य तक न पहुंचाने को कुरियर कंपनी की सेवाओं में कमी करार देते हुए जिला उपभोक्ता फोरम ने गुम हुई वस्तुओं की मुल्य राशि 3189 रूपये ब्याज सहित अदा करने के आदेश दिये। इसके अलावा कंपनी की सेवाओं में कमी के कारण उपभोक्ता को हुई परेशानी के बदले 10,000 रूपये और 5000 रूपये शिकायत व्यय भी अदा करने के आदेश दिये। जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष जे एन यादव और सदस्यों रमा वर्मा व लाल सिंह ने सुंदरनगर स्थित हिमाचल डेंटल कालेज में बीडीएस की दिवतीय वर्ष की छात्रा जागृति ठाकुर पुत्री जितेन्द्र ठाकुर की शिकायत को उचित मानते हुए बलेजफलैश कुरियर कंपनी के सुंदरनगर, चंडीगढ, नयी दिल्ली और मुमबई स्थित कार्यालय को संयुक्त रूप से उपभोक्ता के पक्ष में उक्त राशि का भुगतान 9 प्रतिशत ब्याज दर सहित करने के आदेश दिये। अधिवक्ता उमेश भारद्वाज के माध्यम से फोरम में दायर शिकायत के अनुसार उपभोक्ता ने सुंदरनगर स्थित कुरियर कंपनी की शाखा से एक पार्सल बुक करवा कर चंडीगढ को 3119 रूपये की वस्तुएं भेजी थी। जिसके लिए उनसे 70 रूपये की राशि वसूली की गई थी। हालांकि यह पार्सल 24 घंटे में अपने गंतव्य तक पहुंचना था। लेकिन कुरियर कंपनी नियत अवधि में पार्सल को नहीं पहुंचा सकी तो उपभोक्ता ने कंपनी को संपर्क किया। जिस पर उन्हे तीन दिन तक इंतजार करने को कहा गया। तीन दिन बाद उपभोक्ता ने जब फिर से संपर्क किया कंपनी की ओर से इस बार उन्हे मुआवजे के लिए एक फार्म देकर उनसे असली बिल ले लिये गए। लेकिन मुआवजा अदा न करने की सूरत में उपभोक्ता ने फोरम में शिकायत दर्ज करवाई थी। फोरम ने अपने फैसले में कहा कि यह साबित हुआ है कि कंपनी की घोर लापरवाही से उपभोक्ता का पार्सल गुम हो गया और यह गंतव्य तक नहीं पहुंच सका। कंपनी की यह कार्यप्रणाली सेवाओं में कमी को दर्शाती है। ऐसे में फोरम ने कुरियर कंपनी को गुम हो गई वस्तुओं की मुल्य राशि ब्याज सहित अदा करने के आदेश दिये। वहीं पर कंपनी की सेवाओं में कमी के कारण उपभोक्ता को हुई मानसिक परेशानी के बदल राशि तथा शिकायत व्यय भी देने का फैसला सुनाया।

Monday, 2 September 2013

नगर परिषद के मनोनीत पार्षदों का शपथ समारोह आयोजित


मंडी। नगर परिषद मंडी में सरकार के मनोनीत पार्षदों को सोमवार को शपथ दिलाई गई। उपमंडलाधिकारी सदर शुभकरण सिंह ने नगर परिषद के मनोनीत पार्षद के रूप में जेल रोड निवासी आकाश शर्मा एडवोकेट, रामनगर निवासी सुखनिदान सिंह (सुक्खा) और वार्ड नंबर 4 निवासी महेन्द्र कुमार को नगर परिषद हाल में शपथ दिलाई। इस अवसर पर नगर परिषद अध्यक्षा सुशीला सोंखला, उपाध्यक्ष गगन कश्यप, सभी पार्षद, पुर्व नप अध्यक्ष दुनीचंद शर्मा, पुष्पराज शर्मा, पुर्व उपाध्यक्ष आशा चोपडा, महिला आयोग की पुर्व अध्यक्ष कृष्णा टंडन, पुर्व पार्षद आनंद शर्मा, शन्नो शर्मा, जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भारत भूषण शर्मा, महासचिव लोकेन्द्र कुटलैहडिया, पुर्व बीडीसी अध्यक्ष जानकी दास डोगरा, जिला कांग्रेस कमेटी के संजय शर्मा, हिमांशु, डिकन राणा, विमल शर्मा, भीम सिंह, सुतेक्ष बहल, अधिवक्ता पूनम, दीपाली, गीतांजली शर्मा, सरदार करतार सिंह, सतनाम सिंह, बाल्मिकी सभा, ब्राहमण सभा की गिरिजा शर्मा, लता शर्मा व शहर के अन्य गणमान्य लोगों ने शिरकत की।

Sunday, 1 September 2013

टारना महल्ले री सैर




टारना महल्ले री सैर (मंडयाली लेख-10)
मेरी आज की सांझकणी सैर टारना महल्ले री थी। टारना धार केसी जमाने बिच खाली हुआंई थी होर इथी जंगल हे जंगल हुआं था। पर आजकाले टारना री धारा पर कंकरीटा रा जंगल बसी गईरा। धारा री चोटी पर श्यामा काली माता रा सुंदर मंदर हा। बोलया जाहां भई मंडी रे लोका जो टारना माता रा आशीर्वाद हा इधी कठे इन्हा पर कोई विपदा नीं आई सकदी। टारना री पहाडी ले धुंधा बिच डुबी रे मंडी शैहरा रा बडा सुंदर नजारा सुझहां। राती जेबे शैहर रोशनी के जगमग हुआं ता इथी ले शैहरा जो निहारने रा आपणा हे आनंद हा। इहां ता टारना मंदरा जो जाणे रे कई रस्ते हे पर तलावां री कुणी ले जाणे वाली बडी पैडियां वाला रस्ता पैदल जाणे कठे ज्यादा प्रयोग हुआं। ये महल्ला बडी पैडियां रे सीधे हाथा बखौ टारना धारा री चोटी तका बसीरा होर सुकोडी खाडा रे दायें किनारे तका फैहलीरा। हाउं आपणी सैर तलावां री कुणी री पैहली गली जिथी मेरे दुदर रे दोस्त घनश्यामा होरी रा घर हा होर महाजना होरी री ट्रंका री दुकाना ही बाले ले चढने वाली गली बटिहें शुरू करहां। मद्दी होरी रे घरा बटिहें मुन्ना पीटीआई, मणी ज्योतिषी होर पंकू होरी रे घरा री चढाई चढी के हाउं लक्ष्मी नारायण मंदरा बाले पुजहां। मंदरा रे दर्शन होर परिक्रमा करीके हाउं कृपाल सर, डा भारद्वाज, लेखु पंडत, कमलू बाक्सर, राजू होर गिरीश भाई रे घरा जो जाणी वाली गली बखौ चली पौहां। लेखु पंडता होरी रे घरा बाले ले थोडी जेह पैडियां चढने बाद कमेटी रा पक्का रस्ता शुरू हुई जाहां। ये रस्ता बलबीर होर राजेश डोगरे होरी रे घरा बखौ जाहां। थोडी दूर जाणे बाद कमेटी रा टाईला वाला रस्ता बंद हुई जाहां। महल्ले रे एक मठे ले पुछहां जे मुंजो देखणे जो कराएदार लगहां भई टारना जाणे जो कुण रस्ता हा। ता से बोलहां भई टारना जो कोई रस्ता नीं हा होर हेठा जो हे वापस हटणा पौणा टारना जो दुजे रस्ते ले जाणे कठे। वापस हटदा लगहां ता एक होर मठा मिली जाहां। तेसले पुछहां ता से बोला भई आवा मेरे सौगी मैं दसुं तुसा जो रस्ता। ये मठा मुंजो एक छोटी जेह पैडिया दसहां होर बोलहां भई इन्हु चढा होर स्लैबा-स्लैबा बटिहें तुसा उपर पुजी जाणा। मैं पैडिया चढनी शुरू कीती। करीब एक-डेढ फुट चौडे ऐस रस्ते रे दोनों बखौ घर हे। तीन-चार घर लंघणे बाद सीधे हाथा बखौ मुडुआं ये रस्ता एकी घरा रे स्लैबा बटिहें गुजरेया। थोडा होर उपर पौंहचणे पर रस्ता पुठे हाथा बखौ मुडी जाहां। इथी ले हे एक रस्ता सीधे हाथा बखा जो भी जाहां होर बिजली बोर्डा रे दफ्तरा बाले पौंहचां। पर हाउं पुठे हाथा बखौ मुडने वाले रस्ते पर जाहां। कुछ दूरा तक ये सीधा रस्ता चलदा रैंहा पर अगे जाई के एकी घरा बाले ये रस्ता बंद हुई जाहां। हाउं घरा रे बरामदे बिच खडीरे एकी मठे ले अगे जाणे रा रस्ता पुछहां ता से बोलहां भई बरामदे बटिहें आई जाओ। लोका रे घरा रे बरामदे बटिहें लंघी के हाउं नीलकंठ महादेव मंदरा रे परिसरा बाले बडी मुश्कला के पौहचां। मुंजो याद ही भई बचपना बिच आउं ऐस रस्ते बी कई बारी आईरा पर आजकाले इथी इतने घर बणी गईरे जे लोका रा टारना जाणे रा ये रस्ता हे बंद हुई गईरा। प्रशासना जो एस रस्ते जो खुलवाणा चहिए होर रस्ते चिन्हित करने कठे इधी परा टाईला लगाई के पक्का कितया जाणा चहिए। होर जिन्हे लोके रस्ते बंद करी दितीरे तिन्हा रे खिलाफ कारवाही करनी चहिए। नीलकंठ महादेवा रे मंदरा री बाईं रा पाणी पीणे बाद दर्शन किते होर थोडी देर बसयांव लैणे बाद बडी पैडियां री अगली चढाई शुरू कीती। आईपीएचा रे दफ्तरा बाले पुजी के पैडियां छाडी के मैं सडका रा रस्ता पकडेया। हवामैहला रे हेठली बखौ टारना मंदरा रे पुजारी जौली भाई, धामला भाई होर लाल भाई होरी रे घर हे। हवामैहला ले टारना मंदरा तका री सडका रे सौगी हेठली बखौ बौहत सारे घर बणी गईरे। हालांकि सडका उपरा बखौ बिटु होर लकी होरी रा हे घर हा। मंदरा पौहंचेया ता आरती अझी खत्म हुईरी हे थी। दर्शना बाद मंदरा रे पुजारी धामला भाई होरीए मुंजो प्रसाद दितेया। मंदरा ऐस वकता इंजीनियर दीक्षित होरी होर राजु रे डैडी श्यामा प्रसाद चटर्जी होरी बी थे। टारना मंदरा री परिक्रमा करीके बाहर निकलेया होर हनुमाना जो प्रणाम करूआं पीपला रा चक्कर काटेया होर फिरे मंदरा बाहर थोडी देर बैठी के ऐतारी भव्यता रा आनंद लितया। टारना मंदर वास्तुकला रा अनुठा उदाहरण हा होर आपणी तरहा रा कलहा मंदर हा। टारना री पहाडी पराले श्याम सेन राजे 17 वीं शताब्दी बिच ये मंदर बणाया था। मंदरा बिच श्यामा काली माता री मुर्ति ही। मंदरा री परिक्रमा बिच चारों दिशा रे आलेयां मंझ दश महाविद्या रे सुंदर चित्र बणीरे। मंदरा रे अंदरा बखा रे छत पराले सोने री खुबसूरत कसीदाकारी हुईरी। बोल्हाएं भई ऐस छत जो बनाणे रा काम तिने हे मिस्त्रीये कितया था जिने स्वर्ण मंदरा रे छता रा काम कितीरा। मंदरा रे बनाणे रे पीछे एक होर कहाणी रा जिक्र आवहां मंडी रे इतिहासा बिच। राजा श्याम सेना रे वकता बिच जौंचु नौण सुकेत रियासता रा हिस्सा था। मंडी रे लोक दाल बगैरा धोणे होर कई कामा कठे नौणा रा पाणी लैहाऐं थे। पर सुकेत रियासता रा राजा मंडी रे लोका ले टैक्स वसुलां था। इधी कठे मंडी रे राजे आपणा बकील सुकेता रे राजे बाले गल करने कठे भेजया। पर सुकेता रे राजे श्याम सेना रा रंग काला हुणे करूआं तानहा मारया भई ठीकर केहडा हा मंडी रा। तेता पर मंडी रे बकीले बी टके रा जवाब दितया भई ठीकर तपी रा होर भोगडे भुनणे जो तैयार हा। ऐहडा बोलुआं बकील मंडी जो हटी गया होर राजे जो पुरी गल दसी। तेबे फेरी श्याम सेन राजे सुकेता पर हमला कितया होर सुकेता री बौंडरी लुहारे होर भौर तका घटाई दिती। तधकी बणीरी ये बौंडरी आजकाले बी मंडी होर सुंदरनगर सब डिविजना जो अलग करहाईं। सुकेता री जीता री खुशी बिच श्याम सेन राजे ये श्यामा काली रा मंदर बणाया था। टारना मंदरा रे दर्शन करने बाद थोडी देर टारना रे पार्का जो टैहलदा निकलां ता सामणे एक उदघाटन पटिट्का सुझाहीं। नेडे जाई के मोबाईला रे परयासे बिच ऐता जो पढने री कोशीस करहां ता ऐता पर अंग्रेजी बिच ऐहडा लिखोही रा पढोहां भई राजा बजरंग बहादुर सिंह लैफ्टीनैंट गवर्नर हिमाचल प्रदेश 27-11-1955। ये स्टोन पार्का रे बनाणे कठे रखया गया था। सडका ले मंदरा जो जाणे वाले गेटा पर एकी थामहा पर राणी अमृत कौर पार्का रा बोर्ड लगीरा। होर दुजे थामआ पर ऐहडा लिखोहिरा भई एतारा उदघाटन महामहिम दलाई लामा होरिये 7 जनवरी 1957 बिच कीतीरा। इन्हा बोर्डा ले अंदाजा लगाया जाई सकहाएं भई एस पार्का जो कई बार सुंदर बनाणे री कोशीस किती गईरी। पर आजकाले ये पार्क बडी बुरी हालता बिच हा। पार्का जो सुधारने कठे बौहत सारे काम किते जाणे चहिए जेता के ये खुबसुरत जगहा होर खुबसुरत हुई सके। टारना रे पहाड़ा पर केसी वकत चीला रा घणा जंगल हुआं था। पर आजकाले ता इथी घर हे घर बणी गईरी। मंदरा रे उपरा बखौ पार्का रे सौगी हे जेबे इथी दुरदर्शना रा टावर लगया था सन 1985 बिच ता से एक बडी घटना थी। क्योंकि एते बाद मंडी बिच टीवी आउणा शुरू हुई गई था। एस टावरा जो लगाणे रा श्रेय पंडत सुखरामा होरी जो दितया जाहां। मंदरा रे सौगी हे एडवोकेट जानकी दास डोगरा होरी रा घर हा। मंदर ले अगे तका आजकाले सडक निकली गईरी। होर ऐसा सडका रे सौगी-2 कई घर बणी गईरे। इथी कई दफ्तर बी हे। अगे जाई के बीएसएनएला री कलौनी बाले सडक रूकी जाहीं। एसा हे सडका पर सहायक एडवोकेट जनरल एडवोकेट तरूण पाठक होरीये बी आपणा नौवां घर बनाईरा। बीएसएनएला री कलौनी बाले ले हाउं हटणा शुरू करी देहां। टारना मंदरा री पैडियां ले उतरदे वकत पुठे हाथा बखा री सारी जमीना पर घर बणी गईरे। पर अझी बी कुछ जगहा चील होरी कई प्रजातियां रे डाल इथी मौजूद हे। पैडियां ले उतरदे वक्त टारना री बायं आवाहीं। एसा बाईं बिच 12 महीने पाणी रैहां। पर बाईं रा रख रखाव नीं हुणे ले ऐता रे ओरे परे झाडियां होर गंद पई रा रैहां। एसा बाईं री ठीक ढंगा के देखभाल हुणी चहिए। आईपीएचा रे दफ्तरा बाले ले एक सडक माहुंनाग मंदरा बखा जो चली जाहीं। हालांकि ऐसा सडका बटिहें छोटी गडियां अगे तका जाहीं क्योंकि अगे लोके बौहत सारे घरा बणाई दितेरा आजकाले। पर ऐसा सडका री हालत ठीक नी होर इथी हमेशा न्यारा पईरा रैहां। थोडी दूर चलणे बाद कबीर मंदर आवाहां। ऐता ले बाद माहुंनाग मंदरा बाले सडका हेठा बखौ रामनगर महल्ला हा होर उपरा बखौ टारना महल्ला हा। गटु रामा होरी रा घर, मेरे क्लासफेलो धर्मपाला होरी रा घर, माहुंनाग मंदर बगैरा टारना महल्ले बीच हे। इथी ले हे एक गली थनेहडे महल्ले जो जाहीं। एसा गली रे उपरली बखा रे घर कंडक्टरा होरी रे घरा तक टारना महल्ले बीच हे। जबकि एते बाद गली ले उपरले घर थनेहडे महल्ले बिच पौहाएं। एसा गली रे उपरा बखा प्राइमरी स्कुल बी हा। एस जगहा सडका री हालत बडी खराब ही। प्रशासना जो इथी री सडक ठीक करनी चहिए होर नाले री चैनलाईजेशन करनी चहिए। नीता कोई बडा हादसा बी इथी घटी सकहां। गटु रामा होरी रे घरा तका टारना ले आउणे वाली सडका अगे चलुआं रामनगर महल्ले बटिहें हुंदे हुए सन्यारढी जो जाणे वाली सडका के मिली जाहीं। एस जगहा री खाली जगहा पर आजकाले कई घर बणी करहाएं। क्योंकि शैहरा रे नजदीक जगहा हुणे करूआं इथी री सारी जगहा एभे बिकदी लगी गईरी। आईपीएचा रे दफ्तरा बाले आसारे बचपना बिच टारना रा मेला लगहां था। पर आजकाले ये बंद हुई गईरा। प्रशासना जो ये मेला भी के शुरू करना चहिए। मंडी रे लोका री ये बडी पुराणी मांग ही। आईपीएचा रे दफ्तरा बाले हे जगु मियां होरी रा घर हा। हाउं जगु मियें होरी रे घरा बाले ले माहुंनाग सडका पर नी जाउंआ सीधा सडका बटिहें हटणा शुरू करहां। हालांकि टारना मंदरा होर आपणे घरा जो जाणे वाले लोका रा सडका पर हमेशा तांता लगीरा रैहां। पर सडका बिच बी लाईट नीं हुणे करूआं लोका जो न्यारे बिच इन्हुए लंघणा पौहां। एक मोड उतरने बाद सैसन जजा होरी रा रैजीडेंस आवाहां। आजकाले इथी सैसन जज एस सी कैंथला होरी रैहाएं। ऐक मोड होर उतरने पर बिजली बोर्डा रा रेस्ट हाउस हा। रेस्ट हाउसा सामणे ले एक लिंक रोड सन्यारढी बणीरी वीआईपी कलौनी जो जाहां। हालांकि ये कलौनी अझी पंचायता बिच ही। पर शहरा रे सौगी सटीरी हुणे करूंआ ये बी आउणे वाले वकता बिच मंडी शैहरा रा हिस्सा बणी सकहाईं। ऐसा कलौनी री सडका री हालत खस्ता हाल ही। सैंकडों लोक इथी रैहाएं होर तिन्हा जो कई असुविधा झेलणी पई करहाईं। एक मोड होर उतरी के सर्कट हाऊस आवाहां। जेबे सरकार होर मंत्री लोक मंडी आवांहे ता तिन्हा के मिलणे वालेयां रा इथी जमावडा लगीरा रैहां। सरकट हाउसा ले हेठले मोडा ले एक सडक इंडस्ट्री रे दफ्तरा बखौ मुडी जाहीं। ऐसा सडका ले हुंदे हुए आसे सिट्टा भाई होर जोगी बगैरा रे घरा बाले पुजहाएं। टारना री सडका री उतराई थोडा होर उतरूआं आसे एसपी मंडी होरी री रेजीडेंसा बाले पुजहाएं। इथी हे सामणे ले एक छोटी गली हेठा बखौ जाहीं। ऐसा गली बिच मेरे बचपना रे दोस्त अमरू होरी रा घर होर एडवोकेट विकास कालरा होरी रा घर हा। थोडा होर उतरी के एडवोकेट नीरज कपूर, एडवोकेट दीना नाथ शर्मा, एडवोकेट भूषण शर्मा, शैलेष शर्मा होरी रे घर आवाहें। ऐते थोडा थालहे मल्होत्रा होरी रा घर आवाहां। पैहले इथी पाणी रा बिल देणे रा दफ्तर बी था। थोडा उपरा बखौ जाणे पर बीएसएनएला वालेयां रा दफ्तर बी हा। टारना री सडक लखपति रे घरा सामणे गांधी चौका ले अस्पताल होर जेलरोडा जो जाणे वाली सडका के मिली जाहीं। जिथी ये सडक मिलाहीं तिथी हे दांदा रे डाक्टरा री सरदार साहबा री दुकान ही। एते अगे नामधारी वालेयां रे सौगी-2 कई दुकाना ही। जेबीटी होर यु ब्लाका जो जाणे वाली सडका रे सामहणे ले एक सडक सुशीला महाजन भैंजी, अनिल महाजना होरी रे घरा बटिहें टारना जो जाहीं। थोडी दूर चढने बाद इथी मेरे यु ब्लॉका रे प्राईमरी रे दोस्त सुक्खा होरी रा घर हा। पिंका छोले- मुंगफली वाला जिन्हा री दुकान मनोहर हलवाई री दुकाना बाले ही, तिन्हा रा घर बी इथी हा। हाउं सुक्खे सौगी कई बार इथी आवाहां था। होर आसे खुब पतंगबाजी करहाएं थे। छोले गुड होर शक्कर बी खाहें थे। सुक्खे री चाई (मम्मी) री मुंजो अझी बी याद ही। देविन्द्र भाई कम्पयुटरा वाले जिन्हा री दुकान जेलरोड री मस्जिदा रे सामणे वाली गली बिच ही बी मेरे बचपना रे दोस्त हे। देवेन्द्र भाई होरीये हे मेरा पी सी लगाईरा। स्यों तिलक भाई रे बी बडे दोस्त हे। मेरे कम्पयुटर साक्षर हुणे रा श्रेय तिलक भाई, भावुक भाई, लवण ठाकुर होर देवेन्द्र भाई जो हा। टारना री बडी पैडियां ले अस्पताल होर जेलरोडा जो जाणे वाले सुकोडी पुला तक टारना महल्ले रा व्यापारिक केन्द्र हा। इथी सभी तरहा री दुकाना ही। युको बैंका रा पाणी रा छुहडु सारी साल चलदा रैहां। हाउं बचपना ले यु बलाका होर विजय हाई स्कूला पढने करूआं इथी रा पाणी पी करहां। विजय हाई स्कुला रे मैदाना उपरा बखा चामुंडा माता रा मंदर हा। इथी री जाग बडी मशहुर ही। स्कुला रे गेटा रे सामहणे री हलवाई री दुकान बी बडी पुराणी ही। ऐते अगे श्याम होरी री टाफियां री दुकान बी आसौ बचपना बिच लेई जाहीं। सन्नी भाई होरी रा शर्मा बुक डिपो पी अझी तका चलीरा। इथी पैहले सन्नी री मम्मी होरी बैठाहें थे। ऐभे मोहणी भाई होरी हुआएं। नामधारी म्युजिक हाउसा वालेयां री दुकान बी मंडी रे लोका जो कई साला ले साउंड, टीवी, संगीता रा सामान बगैरा बेचणे री सेवा देई करहाईं। सौगी हे डाक्टर साहबा री दुकान बी बडी पुराणी ही। उपर चंचल मैडमा होरी रा घर हा। परे बखौ संजु भाई होरी रा आजाद ड्राईक्लीन, माधोराव रे पंडता होरी री पाना री दुकान, रायल ढाबा होर प्रभु लाले होरी रा चंदन एंटरप्राइजेस शोरूम हा। दुदरा रे घनश्याम होर तिन्हा रे चाचे होरी री बिल्डिंगा बिच कई दुकाना होर दफ्तर बणी गईरे आजकाले। ऐसा बिल्डिंगा बिच केसी वकता लाल होटल हुआं था। टारना जो चढने वाली बडी पैडियां री शुरुआता बिच हे एडवोकेट सुशील कपूरा होरी रा दफ्तर हा। सामहणे प्रमोद भाई री दर्जी री दुकान बी बडी पुराणी ही। इधी कने सौगी हे हाउं आपणी टारना महल्ले री सैर पूरी करहां। हालांकि ये महल्ला बौहत ज्यादा बधी गईरा। होर हाउं एकी सैरा बिच ऐता जो पूरा नी घुमी पाया। पर क्योंकि ये मेरा महल्ले रा पैहला चक्कर था इधी कठे जितनी कर मुंजो जानकारी मिली पाई से मैं तुसा के शेयर करी दीती। होर हुई सकहां मेरे ले कई जगहा छुटी बी गईरी हो। तेता कठे हाउं तुसा ले माफी मांगहां। होर अगर कोई गल्ती बी हुईरी हो लिखणे बिच ता तुसे मुंजो दसी सकहाएं ताकि हाउं तिन्हा जो ठीक करी सकुं। फेरी भी के मिलगे तुसा के अगले महल्ले री सैरा सौगी। तेबे तका देया इजाजत।
धन्यावाद।
समीर कश्यप।
1-9-2013
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मंडी में बनाया जाए आधुनिक पुस्तकालयः शहीद भगत सिंह विचार मंच

मंडी। प्रदेश की सांस्कृतिक और बौद्धिक राजधानी मंडी में आधुनिक और बेहतरीन पुस्तकालय के निर्माण की मांग की गई है। इस संदर्भ में शहर की संस्...