मंडी। जिला के एडस रोगियों के बच्चों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता एक साल से न मिलने के कारण उनके जीने की डगर दूभर होती जा रही है। एक तो उन्हे भयानक बीमारी का सामना करते हुए भारी सामाजिक और आर्थिक अभाव झेलना पड रहा है। वहीं पर प्रदेश सरकार रोगियों के बच्चों को मिलने वाली आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए असंवेदनशील बनी हुई है। जानकारी के अनुसार मंडी जिला में करीब तीन सौ से भी अधिक एडस के रोगी हैं। सरकार की ओर से इन रोगियों को जिला एडस नियंत्रण के माध्यम से क्षेत्रीय अस्पताल में दवाईयां उपलब्ध करवाई जाती हैं। जबकि रोगियों का हमीरपुर में हर छह महिने के बाद टैस्ट होता है। सरकार की ओर से एडस रोगियों के 18 साल तक के बच्चों को प्रतिमाह पांच सौ रूपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। जिससे इन बच्चों की पढाई जारी रह सके। लेकिन पिछले एक साल से एडस रोगियों के बच्चों को यह राशि मुहैया नहीं करवाई जा रही है। जिला के एक एडस रोगी ने बताया कि उनके दो बच्चे स्कूल में पढते हैं। लेकिन पिछले एक साल से बच्चों की पढाई के लिए दी जाने वाली यह राशि सरकार की ओर से मुहैया नहीं करवाई गई है। जिससे बच्चों की पढाई जारी रखने में रोगियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड रहा है। उनका कहना है कि सरकार को यह राशि तुरंत जारी करनी
Wednesday, 31 December 2014
एड्स पीड़ितों के बच्चे मदद को तरसे
मंडी। जिला के एडस रोगियों के बच्चों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता एक साल से न मिलने के कारण उनके जीने की डगर दूभर होती जा रही है। एक तो उन्हे भयानक बीमारी का सामना करते हुए भारी सामाजिक और आर्थिक अभाव झेलना पड रहा है। वहीं पर प्रदेश सरकार रोगियों के बच्चों को मिलने वाली आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए असंवेदनशील बनी हुई है। जानकारी के अनुसार मंडी जिला में करीब तीन सौ से भी अधिक एडस के रोगी हैं। सरकार की ओर से इन रोगियों को जिला एडस नियंत्रण के माध्यम से क्षेत्रीय अस्पताल में दवाईयां उपलब्ध करवाई जाती हैं। जबकि रोगियों का हमीरपुर में हर छह महिने के बाद टैस्ट होता है। सरकार की ओर से एडस रोगियों के 18 साल तक के बच्चों को प्रतिमाह पांच सौ रूपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। जिससे इन बच्चों की पढाई जारी रह सके। लेकिन पिछले एक साल से एडस रोगियों के बच्चों को यह राशि मुहैया नहीं करवाई जा रही है। जिला के एक एडस रोगी ने बताया कि उनके दो बच्चे स्कूल में पढते हैं। लेकिन पिछले एक साल से बच्चों की पढाई के लिए दी जाने वाली यह राशि सरकार की ओर से मुहैया नहीं करवाई गई है। जिससे बच्चों की पढाई जारी रखने में रोगियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड रहा है। उनका कहना है कि सरकार को यह राशि तुरंत जारी करनी
Tuesday, 30 December 2014
दियारगी के ग्रामीणों ने जाने कानूनी दांव-पेच
मंडी। जिला विधिक प्राधिकरण की ओर से बल्ह क्षेत्र की दियारगी पंचायत भवन परिसर में विधिक साक्षरता शिविर आयोजित किया गया। जिसकी अध्यक्षता अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश (दो) मदन कुमार ने
की। इस अवसर पर उन्होने कहा कि मानव जीवन के सभी पहलुओं के साथ कानून का अभिन्न संबंध है। जहां बच्चे के जन्म लेने से पहले भ्रुष हत्या तथा मैटरनिटी आदी से संबंधित कई कानून लागू हो जाते हैं
वहीं जन्म लेने के साथ ही बच्चा देश का नागरिक बन कर मौलिक अधिकारों सहित सभी तरह के कानूनों का हिस्सा बन जाता है। बच्चों को 14 साल तक निशुल्क पढाई का अधिकार है। जबकि 18 साल से कम
आयु के बच्चों से काम करवाना गैरकानूनी है। वालिग हो जाने पर न्युनतम वेतन सहित सभी श्रम कानून उसका संरक्षण करते हैं। उन्होने कहा कि रोजमर्रा से जुडे कानूनों की जानकारी न होने कारण लोग कानूनी
पेचिदगियों में फंस जाते हैं। ऐसे में लोगों को कानून की जानकारी होना बहुत जरूरी है। इसी उदेश्य को लेकर प्राधिकरण की ओर से यह शिविर आयोजित किए जाते हैं। इस अवसर पर मुखय न्यायिक दंडाधिकारी
महिलाएं, अपंग, आपदा प्रभावित, फैक्टरी मजदूर तथा जिनकी आमदनी एक लाख रूपये से कम हो उन्हे प्राधिकरण की ओर से मुफत कानूनी सहायता दी जाती है। जिसके तहत न केवल लोगों को अपना केस दायर
Thursday, 25 December 2014
बरयारा स्कूल में वार्षिकोत्सव मनाया
मंडी। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बरयारा में वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह धूमधाम से मनाया गया। समारोह की अध्यक्षता उपनिदेशक (उच्च) जिला मंडी सुशील पुंडीर ने की। इस अवसर पर उन्होने
छात्रों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए आगे बढने की प्रेरणा दी। पाठशाला की प्रधानाचार्य सुमन गुप्ता ने वार्षिक रिर्पोट प्रस्तुत की। समारोह में विद्यार्थियों ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किया। मुखय अतिथि ने
इस अवसर पर मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरुस्कार वितरित किए। समारोह में एडीपीओ मंडी पवन शर्मा, स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सुंदर सिंह, बरयारा प्राथमिक पाठशाला की मुखय शिक्षिका, पूर्व एसएमसी
औट पंचायत में सफाई की दरें सुनिश्चत करने का प्रस्ताव पारित
करियाना परचून, बर्तन, मेडिकल दुकान के 100,चाय-पकौडा, सब्जी दुकान, ढाबा और मिष्ठान की दुकान के 150, रेडीमेड दुकान, कपडा, शूज मेकर, शूज सेलर, हार्ड वेयर, इलैक्ट्रिक शाप, गेस्ट हाउस, चायनीज दुकान के 200, मीट, चिकन दुकान, मकैनिकल वर्कशाप के 250 और करियाना होल सेल दुकान के लिए 300 रूपये मासिक कर निर्धारित किया है। जबकि सरकारी व अर्ध-सरकारी संसाधन पर तहसील
चौकीदार रेजीडेंस, वन निगम चौकीदार रेजिडेंस के 50, पटवार वृत, कानूनगो आफिस, नायब रेजीडेंस, पटवार, कानूनगो रेजिडेंस, वन निगम आर ओ रेजीडेंस, ट्रैक्सी यूनियन, महिला मंडल, आंगन वाडी, ऊन व तेल उद्योग के 100, ग्राम पंचायत, आयुर्वेदिक डिस्पैंसरी, जीपीएस औट, जीएचएस औट, ट्रक यूनियन, ट्रांसपोर्टर शिमला मंडी स्टोर औट, पार्ट टाइम दुकानदार, फेरी वाले, बसों में चना मूंगफली बेचने वाले को
Wednesday, 24 December 2014
जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष पुरेन्द्र वैद्य को दिया सम्मान
मंडी। नवनियुक्त जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष पुरेन्द्र वैद्या के सममान में जिला बार एसोसिएशन की ओर से बैठक का आयोजन किया गया। इस मौके पर बार एसोसिएशन को संबोधित करते हुए मुखय अतिथि
सहयोग का आश्वासन देते हुए कहा कि बार व बेंच न्याय रूपी रथ के दो पहिए होते हैं। जिनमें परस्पर सामंजस्य होना चाहिए। बार एसोसिएशन के सहसचिव हितेश बहल ने बताया कि इस आयोजन में सभी न्यायिक अधिकारी तथा बार एसोसिएशन के पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे। इस मौके पर बार एसोसिएशन की ओर से जलपान का भी आयोजन किया गया।
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मंडी। जाति-पाति की जडें समाज को अभी भी कितने गहरे से जकडे हुई हैं इसके प्रमाण अक्सर सामने आते रहते हैं। समाज में गहरी समाई परंपरागत जाति...






































