मंडी। उपभोक्ता की बीमा पालिसी का प्रिमियम देरी से लौटाने को सेवाओं में कमी करार देते हुए जिला उपभोक्ता फोरम ने बीमा कंपनी को 2000 रूपये हर्जाना राशि और 1500 रूपये शिकायत व्यय अदा करने के आदेश दिये। उपभोक्ता के पक्ष में इस राशि की अदायगी कंपनी को 30 भीतर करनी होगी। जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष राजीव भारद्वाज और सदस्यों रमा वर्मा एवं लाल सिंह ने पधर तहसील के बडाग्रांव (द्रंग) निवासी मोहिन्द्र सिंह पुत्र खेम चंद की शिकायत को उचित मानते हुए रिलायंस लाईफ इंश्योरेंस कंपनी की मंडी शाखा, इंडिया इंफोलाईन इंश्योरेंस ब्रोकरस लिमिटेड और रिलायंस महाराष्ट्र के खिलाफ फैसला सुनाते हुए उक्त आदेश दिये। अधिवक्ता आर सी चौहान के माध्यम से फोरम में दायर शिकायत के अनुसार उपभोक्ता ने रिलायंस इंश्योरेंस के एजेंट इंडिया इंफोलाईन से कंपनी की पालिसी 13 साल के लिए खरीदी थी। उपभोक्ता के प्रिमियम राशि अदा करने पर उन्हे पालिसी के दस्तावेज मुहैया करवाए गए तो उन्हे पता चला कि इन दस्तावेजों के साथ वह प्रोपोजल फार्म नहीं था जिसे उन्होने भरा हुआ था। इसके अलावा पालिसी की अवधि 13 साल से घटा कर 7 साल कर दी थी। जिसके कारण उपभोक्ता ने पालिसी कैंसिल करने की अर्जी दी थी। कंपनी ने उपभोक्ता का आश्वस्त किया था कि उनकी प्रिमियम राशि समय पर लौटा दी जाएगी। लेकिन राशि न लौटाने के कारण उपभोक्ता ने फोरम में शिकायत दर्ज करवाई थी। कंपनी की ओर से कार्यवाही में भाग ने लेने के कारण फोरम ने एकतरफा सुनवाई अमल में लाई। फोरम ने अपने फैसले में कहा कि कंपनी को प्रिमियम राशि समय पर लौटानी चाहिए थी। लेकिन इसे सात महिनों के बाद लौटाया गया। प्रिमियम लौटाने में देरी कंपनी की सेवाओं में कमी को दर्शाता है। ऐसे में फोरम ने कंपनी में कमी के कारण उपभोक्ता को पहुंची परेशानी के बदले 2000 रूपये हर्जाना और 1500 रूपये शिकायत व्यय 30 दिनों के अंदर अदा करने का फैसला सुनाया।
Sunday, 30 September 2012
बीमा प्रिमियम लौटाने में देरी पर रिलायंस इंश्योरेंस को हर्जाना अदा करने के आदेश
मंडी। उपभोक्ता की बीमा पालिसी का प्रिमियम देरी से लौटाने को सेवाओं में कमी करार देते हुए जिला उपभोक्ता फोरम ने बीमा कंपनी को 2000 रूपये हर्जाना राशि और 1500 रूपये शिकायत व्यय अदा करने के आदेश दिये। उपभोक्ता के पक्ष में इस राशि की अदायगी कंपनी को 30 भीतर करनी होगी। जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष राजीव भारद्वाज और सदस्यों रमा वर्मा एवं लाल सिंह ने पधर तहसील के बडाग्रांव (द्रंग) निवासी मोहिन्द्र सिंह पुत्र खेम चंद की शिकायत को उचित मानते हुए रिलायंस लाईफ इंश्योरेंस कंपनी की मंडी शाखा, इंडिया इंफोलाईन इंश्योरेंस ब्रोकरस लिमिटेड और रिलायंस महाराष्ट्र के खिलाफ फैसला सुनाते हुए उक्त आदेश दिये। अधिवक्ता आर सी चौहान के माध्यम से फोरम में दायर शिकायत के अनुसार उपभोक्ता ने रिलायंस इंश्योरेंस के एजेंट इंडिया इंफोलाईन से कंपनी की पालिसी 13 साल के लिए खरीदी थी। उपभोक्ता के प्रिमियम राशि अदा करने पर उन्हे पालिसी के दस्तावेज मुहैया करवाए गए तो उन्हे पता चला कि इन दस्तावेजों के साथ वह प्रोपोजल फार्म नहीं था जिसे उन्होने भरा हुआ था। इसके अलावा पालिसी की अवधि 13 साल से घटा कर 7 साल कर दी थी। जिसके कारण उपभोक्ता ने पालिसी कैंसिल करने की अर्जी दी थी। कंपनी ने उपभोक्ता का आश्वस्त किया था कि उनकी प्रिमियम राशि समय पर लौटा दी जाएगी। लेकिन राशि न लौटाने के कारण उपभोक्ता ने फोरम में शिकायत दर्ज करवाई थी। कंपनी की ओर से कार्यवाही में भाग ने लेने के कारण फोरम ने एकतरफा सुनवाई अमल में लाई। फोरम ने अपने फैसले में कहा कि कंपनी को प्रिमियम राशि समय पर लौटानी चाहिए थी। लेकिन इसे सात महिनों के बाद लौटाया गया। प्रिमियम लौटाने में देरी कंपनी की सेवाओं में कमी को दर्शाता है। ऐसे में फोरम ने कंपनी में कमी के कारण उपभोक्ता को पहुंची परेशानी के बदले 2000 रूपये हर्जाना और 1500 रूपये शिकायत व्यय 30 दिनों के अंदर अदा करने का फैसला सुनाया।
Thursday, 27 September 2012
मोबाईल 30 दिन में ठीक करने और दो हजार रूपये हर्जाना अदा करने के आदेश
मंडी। जिला उपभोक्ता फोरम ने मोबाईल फोन विक्रेता और सर्विस सेंटर की सेवाओं में कमी आंकते हुए उपभोक्ता के पक्ष में 2000 रूपये हर्जाना और 1000 रूपये शिकायत व्यय में अदा करने के आदेश दिए। इसके अलावा उपभोक्ता का मोबाईल सेट भी 30 दिनों में ठीक करने के आदेश दिये। जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष राजीव भारदवाज और सदस्यों रमा वर्मा एवं लाल सिंह ने करसोग तहसील के चुराग गांव निवासी समृति शर्मा पत्नी अरूण कौशल की शिकायत को उचित मानते हुए सुंदरनगर की भगवान दास मार्केट में स्थित शुभम कमयुनिकेशन और नेरचौक स्थित सैमसंग मोबाईल फोन के अधिकृत सर्विस सेंटर रिया कमयुनिकेशन को उक्त आदेश दिये। अधिवक्ता अभिषेक पाल के माध्यम से फोरम में दायर शिकायत के अनुसार उपभोक्ता ने 22 जनवरी 2011 को विक्रेता से सैमसंग कंपनी का मोबाईल खरीदा था। लेकिन मोबाईल खरीदने के बाद सेट में खराबी आ गयी। उपभोक्ता ने विक्रेता के ध्यान में यह खराबी लाई। जिस पर विक्रेता ने यह सेट ठीक करने के लिए कंपनी के सर्विस सेंटर को भेज दिया। उपभोक्ता को आश्वासन दिया गया था कि मोबाईल को ठीक कर लिया जाएगा। उपभोक्ता से मोबाईल ठीक करने के लिए 2000 रूपये वसूल किये गये। लेकिन फोन की खराबी दूर नहीं हो सकी। जिसके चलते उपभोक्ता ने फोरम में शिकायत दर्ज करवाई थी। फोरम ने अपने फैसले में कहा कि विक्रेता और सर्विस सेंटर ने उपभोक्ता को ठीक प्रकार से सेवाएं मुहैया नहीं करवाई। इसके अलावा जब मोबाईल में खराबी के लिये उपभोक्ता की लापरवाही साबित नहीं होनेे पर वारंटी अवधी के दौरान मुफत सेवाएं मुहैया करवानी चाहिए थी। ऐसे में फोरम ने उपभोक्ता के मोबाईल फोन को 30 दिनों में ठीक करने के अलावा विक्रेता और सेंटर की सेवाओं में कमी के कारण हुई परेशानी के चलते उपभोक्ता के पक्ष में हर्जाना और शिकायत व्यय अदा करने का फैसला सुनाया।
Tuesday, 25 September 2012
दुराचार की पीडिता के पक्ष में आरोपी एसएचओ और प्रदेश सरकार को 5 लाख हर्जाना देने के फैसला
Saturday, 22 September 2012
मोबाईल विक्रेता को उपभोक्ता के पक्ष में हर्जाना अदा करने के आदेश
मंडी। जिला उपभोक्ता फोरम ने विक्रेता को उपभोक्ता का मोबाईल फोन ठीक न करने पर 1500 रूपये हर्जाना और 1000 रूपये शिकायत व्यय अदा करने के आदेश दिये। इसके अलावा विक्रेता का खराब फोन 30 दिनों में ठीक करने के आदेश दिये। ऐसा न करने पर विक्रेता को उपभोक्ता के पक्ष में उसी मॉडल का नया मोबाईल सेट देना होगा। जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष राजीव भारद्वाज और सदस्यों रमा वर्मा एवं लाल सिंह ने उप तहसील निहरी के घलांडी (बरोहकडी) निवासी क्रांती उर्फ संतोष पत्नी अक्षय राणा की शिकायत को उचित मानते हुए इंदिरा मार्केट स्थित थापर मयुजिक बैंक और नेरचौक स्थित सैमसंग सर्विस स्टेशन रीया कमयुनिकेशन को उक्त आदेश दिये। अधिवक्ता जितेन्द्र कुमार के माध्यम से फोरम में दायर शिकायत के अनुसार उपभोक्ता ने विक्रेता से सैमसंग कंपनी के मॉडल सीएस 212 का एक मोबाईल फोन 4600 रूपये में खरीदा था। लेकिन मोबाईल खरीदने के बाद ही इसके वायस कंपोनेंट में खराबी आ गई। उपभोक्ता ने इस खराबी के बारे में विक्रेता को संपर्क किया। जिस पर उपभोक्ता को अपना सेट सर्विस सेंटर में ले जाने को कहा। उपभोक्ता ने जब इसे सर्विस सेंटर में दिखाया तो उन्हे यह बताया गया कि मोबाईल का बोर्ड बदलना पडेगा। जो उनके पास उपलब्ध नहीं है। उपभोक्ता को मोबाईल करीब एक माह के बाद लौटाया गया। लेकिन इसकी खराबी दूर नहीं हो सकी। जिसके चलते उपभोक्ता ने फोरम में शिकायत दर्ज करवाई थी। फोरम की कार्यवाही में विक्रेता और सर्विस सेंटर की ओर से भाग न लेने पर एकतरफा कार्यवाई अमल में लाई गई। फोरम ने अपने फैसले में कहा कि विक्रेता उपभोक्ता को सेवाएं मुहैया करवाने में असफल रहा। ऐसे में फोरम ने उपभोक्ता का मोबाईल 30 दिनों में ठीक करने के आदेश दिये। मोबाईल के ठीक नहीं होने पर उपभोक्ता के पक्ष में उसी मॉडल का नया मोबाईल फोन देना होगा। इसके अलावा विक्रेता की सेवाओं में कमी के चलते उपभोक्ता को पहुंची मानसिक परेशानी के बदले हर्जाना और शिकायत व्यय भी देने का फैसला सुनाया।
Friday, 21 September 2012
पुलिस हिरासत में मारपीट करने पर एएसआई और कांस्टेबल अदालत में तलब
मंडी। पुलिस हिरासत में मारपीट की घटना से संबंधित एक शिकायत पर संज्ञान लेते हुए अदालत ने पुलिस के एक एएसआई और कांस्टेबल को तलब किया है। इन दोनों पुलिस कर्मियों को 5 नवंबर को अदालत के समक्ष पेश होना होगा। न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी कोर्ट नंबर दो राजेश चौहान के न्यायलय ने दरबयास गांव निवासी सोहन सिंह की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए पुलिस हिरासत में मारपीट के एक मामले में रिवालसर चौकी के एएसआई लच्छी राम और कांस्टेबल विजय कुमार को सममन जारी करते हुए अदालत में तलब किया है। अधिवक्ता जानकी दास डोगरा के माध्यम से अदालत में दायर शिकायत के अनुसार सोहन सिंह और उसके भाई हेम राज ने संपति के विवाद को लेकर रिवालसर पुलिस चौकी में एक दूसरे पर शिकायतें दर्ज करवाई थी। विगत 27 मार्च 2011 को उक्त एएसआई और कांस्टेबल ने शिकायतकर्ता सोहन सिंह को दरबयास गांव में बुलाया और उसके भाई हेम राज द्वारा लाई गई एक कार में धक्का देकर रिवालसर पुलिस चौकी में ले आए और उसे लॉक अप में बंद करके उससे मारपीट की थी। इस मारपीट से सोहन सिंह के आंखों, टांगों और पैर पर चोटें आई थी और उपचार के लिए भी चार सौ रूपये उससे मांगे गए। उपचार की राशि उधार लेने के बाद उन्हे सामुदायिक चिकित्सा केंद्र रती में मेडिकल परीक्षण करवा कर पुलिस चौकी में वापिस लाया गया। घर न पहुंचने पर जब परिवार के सदस्य पुलिस चौकी पहुंचे तो उन्हे बताया गया कि उन्हे अगले दिन अदालत में पेश किया जाएगा। अगले दिन सोहन सिंह को उपमंडलाधिकारी के न्यायलय में पेश किया गया, जहां उनको जमानत पर रिहा कर दिया गया। सोहन सिंह को इतनी बुरी तरह से पीटा गया था कि उससे चला भी नहीं जा रहा था। शिकायतकर्ता ने हिरासत में हुई मारपीट के बारे में रिश्तेदारों और अधिवक्ता को बताया। जिस पर शिकायतकर्ता का मेडिकल चेकअप क्षेत्रीय अस्पताल में करवाया गया। जिसमें शिकायतकर्ता के शरीर पर कई चोटें पाई गई। ऐसे में शिकायतकर्ता ने अदालत में उक्त पुलिस कर्मियों के खिलाफ शिकायत दायर की थी। अदालत ने शिकायत पर संज्ञान लेते हुए अपने आदेश में कहा कि तीन गवाहों के ब्यान तथा अन्य सबूतों से कर्मियों पर भादंसं की धारा 166,341,323,504 और 506 के तहत प्रथम दृष्टया अपराध साबित होता है ऐसे में अदालत ने दोनो कर्मियों को सममन जारी करके पांच नवंबर को अदालत में तलब किया है।
Thursday, 20 September 2012
जलौणी जाग में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया
मंडी। जिला के सनोर इलाका के जला गांव में जलौणी चौथ गणेश उत्सव की जाग में कुल्लू और मंडी जिला के हजारों श्रधालुओं ने बढचढ कर भाग लिया। इस अवसर पर देवता के माध्यम से लोगों की विध्न बाधाओं को दूर किया गया। बुधवार शाम करीब चार बजे देवता के भंडार से देवता की जलेब हजारों श्रधालुओं के साथ जला के गणेश मंदिर में पहुंची। जहां पर देवता के गुर ने देवता के माध्यम से लोगों की विध्न बाधाओं का ईलाज शुरू किया। रात करीब 11 बजे क्षेत्र के छिणी, कासणा और बागी गांव से मशालें लेकर मंदिर की ओर रवाना हुए। मंदिर परिसर में पहुंचते ही सभी गांवों से लाई गई मशालों से मैदान में आग जलाई गई। जिसके बाद देवता के गुर के माध्यम से देवता का संवाद शुरू हुआ। देवता के गुर ने लोगों की प्रश्नों का जबाब भी दिया। उल्लेखनीय है कि आज भी जिला के पहाडी क्षेत्रों में देवता ही लोगों के बीमारियों और व्याधियों का ईलाज करते हैं। देवता के कारदार लाल सिंह और बजीर हीरा लाल शर्मा ने बताया कि जिनके बच्चे नहीं होते या जिन्हे भूत-प्रेत लगे होते हैं या अन्य शारीरिक व्याधियों से कष्ट में होते हैं उनका इस अवसर पर देवता के माध्यम से ईलाज किया जाता है। ऐसे कष्टों से जुझ रहे लोगों को एक सप्ताह तक भूखे पेट रखा जाता है और सिर्फ पानी ही पीने को दिया जाता है। जाग की रात को देवता गुरों के माध्यम से इनका इलाज किया जाता है। देवता के हारियान अतुल शर्मा ने बताया कि जाग के अवसर पर कुल्लू और मंडी जिला से आए श्रधालुओं ने भारी संखया में भाग लिया। वहीं पर मंडी में चामुंडा माता और नजदीकी गांव देवधार में हुई जाग में भी भारी तादात में लोगों ने भाग लिया।
नकली शराब बेचने पर 10 हजार हर्जाना अदा करने के आदेश
मंडी। नकली शराब बेचने को सेवाओं में कमी करार देते हुए जिला उपभोक्ता फोरम ने विक्रेता को उपभोक्ता के पक्ष में 10 हजार रूपये हर्जाना और तीन हजार रूपये शिकायत व्यय 30 दिनों में अदा करने के आदेश दिये। इसके अलावा विक्रेता को उपभोक्ता के पक्ष में शराब की बोतल की कीमत 270 रूपये अदा करनेे के आदेश दिये। जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष राजीव भारद्वाज और सदस्यों रमा वर्मा एवं लाल सिंह ने पधर तहसील के कशौण (पदवाहण) निवासी राम चन्द्र पुत्र गोलू राम की शिकायत को उचित मानते हुए शराब विक्रेता जोगिन्द्रनगर तहसील के बीड रोड में स्थित मैसर्ज मल्होत्रा वाईन शाप को उक्त आदेश दिये। अधिवक्ता बिमल शर्मा के माध्यम से फोरम में दायर शिकायत के अनुसार उपभोक्ता ने 9 दिसंबर 2010 को रॉयल स्टैग व्हीस्की की एक बोतल विक्रेता से खरीदी थी। लेकिन घर आकर जब उपभोक्ता ने अपने दोस्तों के सामने बोतल के ढक्कन को खोला तो इसमें अवांछित तत्व पाये गए। ऐसे में उपभोक्ता ने अगले दिन विक्रता को इस बारे में सूचित किया। लेकिन विक्रेता ने बोतल को वापिस लेने से इंकार कर दिया। ऐसे में उपभोक्ता ने फोरम में शिकायत दर्ज करवाई थी। फोरम ने अपने फैसले में कहा कि नकली शराब बेचने सेहत के लिए हानिकारक है। जबकि बाजार में ऐसी वस्तुओं की भरमार है और इन जोखिमों का निरिक्षण करने की जरूरत है। फोरम ने अपने फैसले में कहा कि लोग ज्यादा पैसा कमाने के लिए इस तरह के गैरकानूनी हथकंडे अपनाते हैं। अगर उपभोक्ता ने नकली शराब का सेवन कर लिया होता तो इससे उन्हे नुकसान पहुंच सकता था। ऐसे में फोरम ने नकली शराब बेचने का आरोप साबित होने पर विक्रेता को उपभोक्ता के पक्ष में 10 हजार रूपये हर्जाना, तीन हजार रूपये शिकायत व्यय और बोतल की कीमत 270 रूपये की अदायगी 30 दिनों के भीतर करने का फैसला सुनाया।
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