Sunday, 29 September 2013

मैं नास्तिक क्यों हुं ? को पढते हुए





मैं नास्तिक क्यों हुं ? को पढते हुए


क्यों नहीं आज ही

ईश्वर की उपस्थिती पर

तर्कपूर्ण सवाल खडे किये जाएं

क्यों नहीं संसार और मनुष्य के जन्म

और निर्माण की प्रक्रिया के तत्व खंगाले जाएं

मनुष्य के मन में ईश्वर की कल्पना से

क्यों नहीं जवाब तलब किये जाएं

मनुष्य की दीनता और शोषण पर आंख मुंद लेने वाले

सर्वशक्तिमान पर क्यों नहीं विश्वास करना छोड दिया जाए

क्यों नहीं ईश्वर के अस्तित्व के बारे में

उदारतापूर्वक सोच विचार कर उसकी आलोचना शुरू की जाए।

ना और अधिक रहस्यवाद ना और अधिक अंधविश्वास

क्यों ना यथार्थवाद को अपना आधार बनाया जाए

क्यों ना सर्वशक्तिमान परम आत्मा की बात

ब्रह्मांड के सृजक, दिग्दर्शक और संचालक को

एक कोरी बकवास मान लिया जाए

क्यों नहीं अनासक्त भाव से अपने जीवन को

मानव स्वतंत्रता के ध्येय पर समर्पित कर दिया जाए।

मानवता की गर्दन से दासता का जुआ उतार फैंक

मुक्ति और शांति का मार्ग क्यों नहीं अपनाया जाए।

क्यों नहीं रूढिगत विश्वासों को चुनौती देकर

प्रचलित मतों को तर्क की कसौटी पर कसा जाए।

क्यों नहीं चेतन परम आत्मा का

प्रकृति की गति के दिग्दर्शन और संचालन में

कोई अस्तित्व नहीं है पर विश्वास किया जाए।

क्यों नहीं सर्वशक्तिमान, सर्वव्यापक और सर्वज्ञानी ईश्वर से

असंख्य दुखों के शाश्वत अनन्त गठबंधनों से ग्रसित

दुनिया की रचना करने पर सवाल किया जाए।

उस शाश्वर नीरो को, जो हर दिन, हर घंटे और हर मिनट

असंख्य दुख देता रहा और अभी भी दे रहा है

न्यायोचित ठहराना कैसे स्वीकार किया जाए।

काल कोठरियों से लेकर झोपडियों की बस्तियों तक

भूख से तडपते लाखों इन्सानों, मजदूरों,

पूंजीवादी पिशाच द्वारा खून चूसने की क्रिया को

धैर्यपूर्वक निरूत्साह से चुप्पी साधे

देखते रहने पर क्यों नहीं सवाल किया जाए।

क्यों नहीं श्रद्धा को एक ओर फैंक कर

सभी कष्टों, परेशानियों का पुरूषत्व से सामना किया जाए।

ईश्वर में विश्वास और रोज़-ब-रोज़ की प्रार्थना को

मनुष्य के लिए सबसे स्वार्थी और

गिरा हुआ काम माना जाए।

क्यों नहीं शहीदे-आज़म भगत सिंह की तरह

विपदाओं का बहादुरी से सामना करने वाले

नास्तिकों के बारे में पढा जाए।

स्वार्थी कारणों से मैं प्रार्थना नहीं करूंगा

अगर यह अहंकार है तो क्यों न स्वीकार किया जाए।

(भगत सिंह के लेख मैं नास्तिक क्यों हुं ? को पढते हुए इस कविता का सृजन हुआ है)

समीर कश्यप

29-9-2013

sameermandi@gmail.com

Saturday, 28 September 2013

परिवहन निगम के आर एम सरकाघाट को हर्जाने के आदेश


मंडी। बारात ले जाने के लिए बस न भेजना हिमाचल पथ परिवहन निगम को महंगा साबित हुआ। जिला उपभोक्ता फोरम ने निगम को उपभोक्ता की अग्रिम राशि 4625 रूपये ब्याज सहित लौटाने का फैसला सुनाया। इसके अलावा निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक सरकाघाट की सेवाओं में कमी के कारण उपभोक्ता को हुई परेशानी के बदले उन्हे अपनी जेब से उपभोक्ता के पक्ष में 10,000 रूपये हर्जाना और 4000 रूपये शिकायत व्यय भी अदा करने के आदेश दिये। जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष जे एन यादव और सदस्यों रमा वर्मा एवं लाल सिंह ने सरकाघाट तहसील के बटोह (मसेरन) गांव निवासी रमेश शर्मा पुत्र जिंदु राम की शिकायत को उचित मानते हुए हिमाचल पथ परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक तथा सरकाघाट डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक को उक्त अग्रिम राशि उपभोक्ता के पक्ष में 9 प्रतिशत ब्याज दर सहित अदा करने का फैसला सुनाया। अधिवक्ता पुष्प राज शर्मा के माध्यम से फोरम में दायर शिकायत के अनुसार उपभोक्ता के बेटे नवीन कुमार शर्मा की शादी 6 मई 2013 को होनी तय हुई थी। बारात ले जाने के लिए उन्होने निगम के सरकाघाट डिपो में अग्रिम राशि जमा करवा कर 42 सीटों की बस की बुकिंग करवाई थी। बस को शादी वाले दिन 3 बजे बारात ले जाने के लिए पहुंचना था क्योंकि लगन का समय 5 बजे का निश्चित था और बारात को बटोह से नैना देवी जाने के लिए डेढ घंटे का समय लगना था। निगम बस को तय समय पर पहुंचाने के लिए तैनात नहीं कर सका। लेकिन तब तक बारात व बैंड ले जाने के लिए उपभोक्ता को 6 टैक्सियां किराए पर ले जानी पडी। बस करीब पौने पांच बजे बारात लेने के लिए आई। ऐसे में उपभोक्ता ने निगम की सेवाओं में कमी के चलते उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज करवाई थी। परिवहन निगम ने फोरम की कार्यवाही में भाग नहीं लिया। जिसके चलते एकतरफा कार्यवाही करते हुए फोरम ने अपने फैसले में कहा कि सबूतों ने यह साबित हुआ है कि निगम निर्धारित समय पर बस भेजने में असफल रहा जो उनकी सेवाओं में कमी को दर्शाता है। इसके अलावा क्षेत्रीय प्रबंधक अपनी डयुटी का उतदायित्व के साथ निर्वहन नहीं कर सका। जिसके चलते उन्हे अपनी जेब से उपभोक्ता के पक्ष में हर्जाना देने के अलावा संयुक्त रूप से राशि ब्याज सहित लौटाने और शिकायत व्यय भी अदा करने का फैसला सुनाया।

Friday, 27 September 2013

परमार को मानवाधिकार प्रकोष्ठ का संयोजक बनाने पर खुशी की लहर


मंडी। अधिवक्ता प्रदीप परमार को भाजपा मानवाधिकार प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक बनाए जाने पर जिला मंडी के नेताओं और कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर है। जिला से संबंध रखने वाले भाजयुमो के प्रदेश महामंत्री महेन्द्र ठाकुर, प्रदेश सचिव महेश सिपहिया, किसान मोर्चा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य नरेन्द्र ठाकुर, पूर्व विधायक कन्हैया लाल ठाकुर, पूर्व जिला मिडिया प्रभारी पंकज वालिया, सदर मंडल उपाध्यक्ष बालक राम, टेक चंद सैणी, विशाल ठाकुर, पंकज सिंह पटियाल, भंवर भारद्वाज, सोमेश ठाकुर, ललित पठानिया, दिनेश गुलेरिया, अंजना सोनी, विजय शर्मा, कपूर चंद पटियाल, संजय परमार, विखयात गुलेरिया और दिनेश शर्मा ने अधिवक्ता प्रदीप परमार के इस मनोनयन पर पूर्व मुखयमंत्री प्रेम कुमार धूमल, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सिंह सती और प्रदेश संगठन मंत्री पवन राणा का धन्यावाद किया है।

चैक बाउंस के आरोपी को तीन माह कारावास और 2,10,000 रूपये हर्जाने की सजा


मंडी। चैक बाउंस के आरोपी के खिलाफ अभियोग साबित होने पर अदालत ने उसे तीन माह के साधारण कारावास और दो लाख दस हजार रूपये हर्जाना अदा करने का फैसला सुनाया है। गोहर स्थित न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी मोहित बंसल के न्यायलय ने थुनाग तहसील के तांदी गांव निवासी उतम सिंह पुत्र चेत राम की शिकायत पर निगोशिएबल इंस्ट्रुमेंट एक्ट की धारा 138 के तहत चलाए गए अभियोग के साबित होने पर चच्योट तहसील के दचेहड (जाछ) गांव निवासी पितांबर भारद्वाज पुत्र खेम राज को उक्त सजा का फैसला सुनाया। अधिवक्ता नरेश ठाकुर और कुलदीप ठाकुर के माध्यम से अदालत में दायर शिकायत के अनुसार आरोपी पितांबर ने शिकायतकर्ता से अगस्त 2011 में सेब की पैकिंग का बारदाना (कार्टन) खरीदा था। जिसकी कीमत अदा करने के लिए आरोपी ने शिकायतकर्ता को पंजाब नेशनल बैंक जाछ का एक चैक जारी किया था। शिकायतकर्ता ने जब यह चैक भुगतान के लिए बैंक में लगाया तो आरोपी के खाते में पर्याप्त राशि न होने के कारण यह बाउंस हो गया था। ऐसे में शिकायतकर्ता ने अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से आरोपी को 15 दिनों में राशि की अदायगी करने संबंधी कानूनी नोटिस जारी किया था। लेकिन निश्चित अवधि में आरोपी के राशि अदा न करने पर शिकायतकर्ता ने अदालत में शिकायत दायर की थी। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि शिकायतकर्ता की ओर से पेश किये गए साक्ष्यों से आरोपी के खिलाफ चैक बाउंस का अभियोग साबित हुआ है। ऐसे में अदालत ने आरोपी को उक्त कारावास और हर्जाने की सजा का फैसला सुनाया है।

Thursday, 26 September 2013

टारना स्पोर्टस क्लब का हुआ गठन


मंडी। हिमाचली खेल जगत का मक्का कहे जाने वाले मंडी के गौरव को वापिस लाने के लिए टारना स्पोर्टस कल्ब का गठन किया गया है। कल्ब की औपचारिक घोषणा प्रैस काफ्रेंस में करते हुए अध्यक्ष दिनेश कुमार ने बताया कि हालांकि कल्ब विगत दो वर्षों से खेल गतिविधियां कर रहा है। लेकिन अब कल्ब का पंजीकरण करके इसकी गतिविधियों को सुचारू करने के लिए कल्ब की समिति का गठन किया गया है। उन्होने कहा कि कल्ब का उदेश्य मंडी के खेल जगत के गरिमामय इतिहास को वापिस लाना है। इसके अलावा कल्ब सामाजिक गतिविधियों में भाग लेगा। जिसके लिए अक्तुबर माह में रक्त दान शिविर का आयोजन किया जाएगा। कल्ब के महासचिव दीपक ने बताया कि आगामी 11 अक्तुबर से पडडल मैदान में 20-20 क्रिकेट प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। यह प्रतियोगिता प्रदेश के सबसे अच्छे विकेट कीपर रहे स्वर्गीय देवेन्द्र बर्की की याद में आयोजित की जा रही है। उन्होने बताया कि टारना स्पोर्टस कल्ब के अध्यक्ष भगवंत सिंह सर्राफ हैं। जबकि दिनेश कुमार को प्रधान, देवेन्द्र कौशल वरिष्ठ उपप्रधान, वरूण महंत, विजय खजूरिया उपप्रधान, दीपक महासचिव, उदय भानू, आशीष सह सचिव, देवेन्द्र गौतम कोषाध्यक्ष, समीर कश्यप मुखय सलाहकार, संत राम, धीरज कौशिक, तेजेन्द्र सेन, यशकांत कश्यप सलाहकार और कमल कांत को तकनीकी निदेशक मनोनीत किया गया है।

प्रदीप परमार बने भाजपा मानवाधिकार प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक


मंडी। भारतीय जनता पार्टी ने मंडी के अधिवक्ता प्रदीप परमार को मानवाधिकार प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक की जिम्मेवारी सौंपी है। इस बारे में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह सती ने उन्हे पत्र प्रेषित करके उनके मनोनयन की सूचना दी है। जिला एवं सत्र न्यायलय में कार्यरत अधिवक्ता प्रदीप परमार ने अपने मनोनयन के लिए पूर्व मुखयमंत्री प्रेम कुमार धूमल, शांता कुमार और प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सिंह सती का धन्यावाद किया है। परमार ने कहा कि प्रकोष्ठ की प्रदेश कार्यसमिति का शीघ्र गठन किया जाएगा। उन्होने बताया कि प्रदेश कार्यसमिति में सह-संयोजकों सहित 21 सदस्यीय कार्यसमिति का गठन किया जाएगा। जबकि जिला संयोजकों और मंडलों में भी प्रकोष्ठ कार्यसमिति का भी जल्द ही गठन किया जाएगा। प्रदीप परमार के मनोनयन पर भाजपा नेता अजय राणा, प्रवीण शर्मा, रणवीर सिंह मंडयाल, पंकज कपूर, नरेन्द्र गुलेरिया, भुवनेश्वरी कपूर, पायल वैद्या, निश्चल वैद्या सहित भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने खुशी जाहिर की है।

Wednesday, 25 September 2013

बीमा कंपनी को 2,51,187 रूपये ब्याज सहित अदा करने के आदेश


मंडी। जिला उपभोक्ता फोरम ने बीमा कंपनी को उपभोक्ता के पक्ष में 2,51,187 रूपये की मुआवजा राशि ब्याज सहित अदा करने के आदेश दिये। इसके अलावा कंपनी की सेवाओं में कमी के कारण उपभोक्ता को हुई मानसिक यंत्रणा और परेशानी के बदले 6000 रूपये हर्जाना व 3000 रूपये शिकायत व्यय भी अदा करने का आदेश दिया। जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष जे एन यादव और सदस्यों रमा वर्मा एवं लाल सिंह ने जोगिन्द्रनगर सर्किट बेंच में सुनाए फैसले में शानन गांव निवासी सुरेश कुमार पुत्र मस्त राम की शिकायत को उचित मानते हुए यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी को उक्त हर्जाना राशि की अदायगी 9 प्रतिशत ब्याज दर सहित करने के आदेश दिये। अधिवक्ता नूर अहमद के माध्यम से फोरम में दायर शिकायत के अनुसार उपभोक्ता ने अपने महिन्द्रा बोलैरो वाहन को कंपनी के पास बीमाकृत करवाया था। बीमा अवधि के दौरान ही उनका वाहन एक दुर्घटना में बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था। उपभोक्ता ने दुर्घटना की सूचना कंपनी को दी थी। जिस पर कंपनी ने सर्वेयर की तैनाती करके उपभोक्ता को वाहन की मुरममत करवाने के लिए कहा था। उपभोक्ता ने दुर्घटना से संबंधित दस्तावेजों को कंपनी को सौंप कर मुआवजे की मांग की थी। लेकिन कंपनी ने उपभोक्ता के मुआवजे को खारिज कर दिया था। जिसके चलते उन्होने फोरम में शिकायत दर्ज की थी। फोरम ने अपने फैसले में कहा कि कंपनी का कहना था कि उपभोक्ता के वाहन के चालक के पास वैध लाईसैंस नहीं था। जबकि उपभोक्ता का एल एम वी लाईसैंस वाहन चलाने के लिए वैध था। फोरम ने कंपनी के तर्कों को अस्वीकारते हुए मुआवजा खारिज करने को सेवाओं में कमी करार देते हुए उक्त राशि ब्याज सहित अदा करने के आदेश दिये। वहीं पर कंपनी की सेवाओं में कमी के चलते उपभोक्ता को हुई मानसिक यंत्रणा और असुविधा के बदले हर्जाना राशि और शिकायत व्यय भी अदा करने का फैसला सुनाया।

मंडी में बनाया जाए आधुनिक पुस्तकालयः शहीद भगत सिंह विचार मंच

मंडी। प्रदेश की सांस्कृतिक और बौद्धिक राजधानी मंडी में आधुनिक और बेहतरीन पुस्तकालय के निर्माण की मांग की गई है। इस संदर्भ में शहर की संस्...