Tuesday, 12 November 2013

हृदय रोग के उपचार के लिए मदद की दरकार


मंडी। हृदय रोग से ग्रस्त पति के ईलाज के लिए उसकी विवाहिता ने मुखयमंत्री से गुहार लगाई है। वहीं पर विवाहिता ने दानी सज्जनों से भी उचित सहायता की दरकार की है। सदर उपमंडल के ईलाका तुंगल के धडयाणा (सदयाणा) निवासी लाभ सिंह की पत्नी वीना ने मुखयमंत्री वीरभद्र सिंह को पाती लिखकर उनके ईलाज का खर्चा वहन करने की प्रार्थना की है। वीना के मुताबिक उनके पति लाभ सिंह पिछले करीब एक वर्ष से गंभीर दिल के रोग से जूझ रहे हैं। सब तरह की पद्धतियों की दवाएं और ईलाज करवाने के बाद चिकित्सकों ने उन्हे शल्य चिकित्सा करने को कहा है। वीना ने बताया कि वह एक अत्यंत निर्धन दलित परिवार से संबंध रखते हैं और मेहनत मजदूरी के अलावा आमदनी का कोई जरिया नहीं है। उन्होने बताया कि अभी तक का ईलाज तो उन्होने नजदीकी लोगों की सहायता से करवाया है लेकिन अब चिकित्सकों ने शल्य क्रिया कराने की सलाह दी है जिसमें करीब तीन लाख रूपये से अधिक का खर्चा आना है। इतनी बडी राशि का प्रबंध करना उनके बूते का नहीं है। वीना के मुताबिक उनके परिवार का नाम करीब दो साल पहले आईआरडीपी सूचि से काट दिया गया है हालांकि इस बीच परिवार के हालातों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। ऐसे में वीना ने मुखयमंत्री से पति के ईलाज की गुहार लगाई है। वहीं उन्होने दानी सज्जनों से भी उचित सहायता की दरकार की है। लाभ सिंह को ईलाज के लिए मदद करने के लिए वीना को उसके फोन नंबर 88948-58499 पर संपर्क किया जा सकता है।

Monday, 11 November 2013

सराज कांग्रेस कार्यकारिणी घोषित


मंडी। कांग्रेस पार्टी ने मंडी जिला के सराज ब्लॉक कार्यकारिणी घोषित कर दी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इसका अनुमोदन किया है और सभी सदस्यों को तुरंत काम संभालने के निर्देश दिये हैं। सराज कांग्रेस का अध्यक्ष जगदीश रेड्डी को बनाया गया है। जबकि उपाध्यक्ष हेम सिंह ठाकुर, बृज लाल, महेश कुमार, अमर सिंह, दिले राम, नरोतम राम व लक्ष्मी चंद ठाकुर को बनाया गया है। महासचिव के पद पर टेक सिंह, चिरंजी लाल, बुद्धि सिंह, नारद ठाकुर, डोला राम, शेष राम मंडयाल, मदन शर्मा व गीता देवी ठाकुर को तैनाती दी गई है। कोषाध्यक्ष दिनेश कुमार होंगे, जबकि कार्यकारिणी सदस्य के रूप में खूब राम, उतम राम, केवल राम, लाल सिंह ठाकुर, लाल सिंह, जीवन सिंह, टेक सिंह, चंपा देवी, तपेन्द्र कुमार, मोहन लाल, नारायण सिंह, कुलजीत कौर, रोशन लाल, जगदीश कुमार, ज्ञान चंद, देवराज, ओम प्रकाश व शोभा राम को स्थान मिला है। विशेष आमंत्रित सदस्यों में तारा ठाकुर, चेत राम, शिव लाल, दलीप सिंह, जवाहर वर्मा, खेम सिंह राणआ, मनी राम, डीडी ठाकुर, विजय पाल सिंह चौहान, शेर सिंह, जैसी देवी, मोहर सिंह, कन्हैया लाल ठाकुर व जय कुमार सेना शामिल हैं। आमंत्रित सदस्य विजय पाल सिंह चौहान ने कार्यकारिणी के गठन के लिए प्रदेश अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त किया है। उन्होने कहा कि इस गठन से सराज कांग्रेस एकजुट हुई है और आने वाले 2014 के चुनावों में पार्टी अपना बेहतरीन प्रदर्शन कर जीत हासिल करेगी।

Wednesday, 6 November 2013

चैक बाउंस के आरोपी को एक वर्ष की कैद और 1,28,000 रूपये हर्जाने की सजा


मंडी। चैक बाउंस का अभियोग साबित होने पर अदालत ने एक आरोपी को एक साल के साधारण कारावास और 1,28,000 रूपये हर्जाने की सजा सुनाई है। यह हर्जाना राशि शिकायतकर्ता के पक्ष में अदा की जाएगी। विशेष न्यायिक दंडाधिकारी रघुबीर सिंह के न्यायलय ने सदर तहसील के चनाला (कमांद) गांव निवासी किरत राम पुत्र हुक्मे राम की शिकायत पर निगोशिएबल इंस्ट्रुमेंट एक्ट की धारा 138 के तहत चलाए गए अभियोग के साबित होने पर सरकाघाट तहसील के टिक्करी (भांबला) गांव निवासी हरी सिंह पुत्र सुंदर लाल के खिलाफ उक्त सजा का फैसला सुनाया। अधिवक्ता ललित ठाकुर के माध्यम से आरोपी हरी सिंह वर्ष 2007 में उपायुक्त कार्यालय मंडी में बतौर लिपिक तैनात था। आरोपी ने शिकायतकर्ता किरत राम से दोस्ती होने के कारण वितिय सहायता मांगी। जिसके चलते किरत राम ने उसे 1,28,000 रूपये की राशि दी थी। इस राशि का भुगतान करने के लिए आरोपी ने उन्हे एक चैक जारी किया था। शिकायतकर्ता ने जब इस चैक को भुगतान के लिए लगाया तो आरोपी के खाते में पर्याप्त राशि न होने के कारण यह बाउंस हो गया। ऐसे में शिकायतकर्ता ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से आरोपी को 15 दिनों का नोटिस जारी करके राशि की मांग की थी। लेकिन आरोपी ने न तो नोटिस का जवाब दिया और न ही राशि का भुगतान किया। ऐसे में शिकायतकर्ता ने अदालत में शिकायत दायर की थी। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि शिकायतकर्ता की ओर से प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों से आरोपी के खिलाफ अभियोग साबित हुआ है। ऐसे में अदालत ने आरोपी को उक्त कारावास और हर्जाना राशि अदा करने का फैसला सुनाया है।

मुख्य न्यायधीश ने अधिवक्ताओं से विकेन्द्रीकरण पर मांगे सुझाव


मंडी। उच्च न्यायलय के मुख्य न्यायधीश न्यायमुर्ति अजय माणिकराव खानविलकर ने अधिवक्ताओं की संयुक्त संघर्ष समिति से वार्ता के बाद उनके सुझाव आमंत्रित किये हैं। मुखय न्यायधीश ने आगामी 2 दिसंबर को समिति के साथ अगली बैठक सुनिश्चित की है। उच्च न्यायलय की विकेन्द्रीकरण की निति के तहत उपमंडलों में सर्किट कोर्ट लगाने के फैसले के विरोध में गठित मंडलीय जिला बार एसोसिएशनों की संयुक्त संघर्ष समिती ने अध्यक्ष पी सी राणा की अध्यक्षता में प्रदेश उच्च न्यायलय के मुख्य न्यायधीश न्यायमुर्ति अजय माणिकराव खानविलकर के साथ मंगलवार को वार्ता में भाग लिया। समिति के उपाध्यक्ष और जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भारत भूषण शर्मा ने बताया कि यह वार्ता सौहार्दपूर्ण ढंग से हुई। बैठक में लोगों तक न्याय पहुंचाने की प्रक्रिया में आने वाली तकनीकी और व्यवहारिक कठिनाइयों के बारे में चर्चा की गई। उन्होने बताया कि मुखय न्यायधीश ने इन कठिनाइयों के निवारण के लिए संबंधित मंडलों से इन पहलुओं पर निदान के लिए सुझाव आमंत्रित किये हैं। जिससे विकेन्द्रीकरण की प्रतिपादित निति से आम जनमानस को लाभ मिल सके। उन्होने बताया कि मुखय न्यायधीश ने सभी मानकों को मदेनजर रखते हुए मध्यमार्ग अपना कर सभी के लिए रूचिकर फैसले को अमलीजामा पहनाने की बचनबधता प्रकट की है। जिला बार एसोसिएश के महासचिव लोकेन्द्र कुटलैहडिया ने बताया कि विभिन्न मंडलों की जिला बार एसोसिएशन से सुझाव मांगे गए हैं। इन सुझावों के आधार पर ही विकेन्द्रीकरण की निति को अमल में लाया जाएगा। उन्होने बताया कि मुखय न्यायधीश से संयुक्त संघर्ष समिति की अगली बैठक 2 दिसंबर को सुनिश्चित की गई है। मुखय न्यायधीश की ओर से आंदोलन कर रही जिला बार एसोसिएशनों की मांगों पर सकारात्मक रूख अपनाने पर समिति ने उनका धन्यावाद किया है। उन्होने बताया कि मुखय न्यायधीश से वार्ता के लिए संयुक्त संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल में धर्मशाला, मंडी, शिमला, सोलन, चंबा, हमीरपूर, ऊना और नाहन की मंडलीय जिला बार एसोसिएशनों ने भाग लिया। इधर, जिला बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष दिनेश सकलानी समेत अन्य पदाधिकारियों और सदस्यों ने मुख्य न्यायधीश के उनकी मांगों के निराकरण के लिए सुझाव आमंत्रित करने पर उनका आभार व्यक्त किया है। 

Saturday, 2 November 2013

संयुक्त संघर्ष समिति वार्ता के लिए आमंत्रित


मंडी। उच्च न्यायलय के मुखय न्यायधीश द्वारा संयुक्त संघर्ष समिति को वार्ता के लिए आमंत्रित करने के बाद जिला बार एसोसिएशन ने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया है। मुखय न्यायधीश से संयुक्त संघर्ष समिति के 5 नवंबर को होने वाली वार्ता के परिणामों के बाद ही आगे की रणनीति तय की जाएगी। प्रदेश भर की सात जिला बार एसोसिएशनों की संयुक्त संघर्ष समिति के उपाध्यक्ष भारत भूषण शर्मा ने आम सभा में इस आशय की जानकारी दी। आम सभा में वार्ता के मसौदे को लेकर अधिवक्ताओं ने विस्तार से अपना-2 दृष्टिकोण रख कर चर्चा की। प्रदेश बार कौंसिल के सदस्य देशराज शर्मा का कहना था कि विकेन्द्रीकरण का अधिवक्ता सैधांतिक रूप से स्वागत करते हैं। लेकिन यह उच्च स्तर से निमन स्तर तक होना चाहिए। जिसके लिए उच्च न्यायलय की खंडपीठें भी मंडी और धर्मशाला में स्थापित की जानी चाहिए। एसोसिएशन के महासचिव लोकेन्द्र कुटलैहडिया का कहना था कि सर्किट कोर्ट लगाए जाने से पहले उपमंडलों में मूलभूत सुविधाएं जुटाई जानी जरूरी है। आम सभा में चर्चा के दौरान अधिवक्ताओं का कहना था कि बिना प्रयोगशाला और उपकरणों के शल्य चिकित्सक भी अपना कार्य निष्पादित नहीं कर सकता। ऐसे में पहले उपमंडलों में मूलभूत सुविधाएं जुटाना न्याय प्रदान करने के लिए निहायत जरूरी है। मूलभूत सुविधाओं के अभाव में न्याय प्रदान करनी वाली व्यवस्था के निहित स्वार्थों के हाथों प्रभावित होने का अंदेशा बना रहेगा। जिससे न्यायलयों की स्वतंत्रता बाधित होगी। सर्किट कोर्ट की अस्थाई व्यवस्था से न्यायधीशों की एकाग्रता और स्थायित्व संकट में पड जाएगा। जिससे गुणात्मक न्याय नहीं हो सकेगा। अधिवक्ताओं का कहना था कि जिला बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं की राय जाने बगैर उनके करीब 2000 मामले उपमंडलों को भेज कर उनके ब्रीफलेस होने का खतरा हो गया है। इसके लिए अदालत को याचिककर्ताओं का पक्ष जान कर मामलों की सुनवाई का स्थान निर्धारित करना चाहिए था। विधिक समुदाय के अस्तित्व को बचाना भी उच्च न्यायलय का दायित्व है। बार एसोसिएशन की आम सभा में अधिवक्ता विश्वनाथ शर्मा, शांती लाल वैद्या, दुनी चंद शर्मा, जानकी दास डोगरा, ललित कपूर, हुक्म चंद शर्मा, लोकेश कपूर, दिगविजय सिंह कटोच, दिनेश कुमार शर्मा, संत राम बधन और समीर कश्यप ने चर्चा में भाग लिया। आम सभा में जिला बार एसोसिएशन के उप प्रधान दिनेश सकलानी, सह-सचिव विक्रांत शर्मा, पदाधिकारी हेम सिंह ठाकुर, राजकुमार, विजय भंडारी सहित एसोसिएशन के अन्य सदस्य मौजूद थे।

Friday, 1 November 2013

बीमा को 11,38,646 रूपये अदा करने के आदेश


मंडी। जिला उपभोक्ता फोरम ने बीमा कंपनी को 11,38,646 रूपये की मुआवजा राशि ब्याज सहित अदा करने का फैसला सुनाया है। इसके बीमा कंपनी की सेवाओं में कमी के कारण उपभोक्ता को हुई परेशानी के बदले 6000 रूपये हर्जाना और 3000 रूपये शिकायत व्यय भी अदा करने के आदेश दिये हैं। जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष जे एन यादव और सदस्यों रमा वर्मा एवं लाल सिंह ने सदर तहसील के रती गांव निवासी बालक राम पुत्र केशव राम की शिकायत को उचित मानते हुए न्यु इंडिया एसोरेंस कंपनी को उक्त राशि का भुगतान 9 प्रतिशत ब्याज दर सहित करने का फैसला सुनाया। अधिवक्ता लोकेश कपूर के माध्यम से फोरम में दायर शिकायत के अनुसार उपभोक्ता वर्ष 2006 से बतौर ए क्लास सरकारी ठेकेदार कार्यरत हैं। उन्हे जनौल से जरोल सडक मार्ग बनाने का काम मिला था। उपभोक्ता ने कंपनी से सभी रिस्कों के लिए एक पालिसी खरीदी थी। उपभोक्ता के अनुसार अगस्त 2011 में बारिश के मौसम में उनके प्रोजेक्ट को भारी नुकसान हुआ था। उपभोक्ता ने इस नुकसान की सूचना कंपनी को दी थी। जिस पर कंपनी ने सर्वेयर की तैनाती करके नुकसान का आकलन करवाया था। उपभोक्ता ने कंपनी को तमाम दस्तावेज मुहैया करके मुआवजा तय करने को कहा था। लेकिन कंपनी ने मात्र 52,670 रूपये का मुआवजा तय किया था। जिस पर उपभोक्ता ने फोरम में शिकायत दर्ज करवाई थी। फोरम ने अपने फैसले में कहा कि बीमा पॉलसी में बजरी को हटाने सहित सभी तरह के रिस्क कवर थे। जबकि कंपनी का कहना था कि बजरी हटाने का रिस्क पालिसी में कवर नहीं था। फोरम ने अपने फैसले में कहा कि लोक निर्माण विभाग करसोग के कार्यकारी अभियंता ने नुकसान के बारे में रिर्पोट बनाई थी। ऐसे में फोरम ने कंपनी के सर्वेयर की रिर्पोट को अधिमान न देते हुए कम मुआवजा तय करने को कंपनी की सेवाओं में कमी करार दिया। जिसके चलते कंपनी को उपभोक्ता के पक्ष में उक्त राशि ब्याज सहित अदा करने के अलावा सेवाओं में कमी के कारण उपभोक्ता को हुई परेशानी के चलते हर्जाना और मुआवजा राशि भी अदा करने का फैसला सुनाया।

चौहट्टा में ट्रैफिक बंद करने का शहरवासियों ने विरोध किया


मंडी। चौहट्टा बाजार में शनिवार को ट्रैफिक बंद करने पर मंडी शहर वासियों ने प्रशासन के पास आपत्ती दर्ज करवाई है। शहर वासियों ने उपायुक्त मंडी को ज्ञापन प्रेषित करके शहर के लिए बाईपास बनाये जाने तक शनिवार को चौहट्टा बाजार में से ट्रैफिक बंद करने के फैसले को वापिस लेने की मांग की है। मंडी नगर वासी समीर कश्यप, लवण ठाकुर, नवीन कुमार, भारत भूषण, कमल सैनी, नरेन्द्र कुमार, मनीष कटोच, बिष्ट, प्रदीप परमार, हेम सिंह ठाकुर, जगदीश ठाकुर, अनिल कटोच, देवेन्द्र शर्मा, राणा, कुलदीप ठाकुर, बालकृष्ण और मिशन दत की अगुवाई में उपायुक्त मंडी देवेश कुमार को इस बारे में ज्ञापन सौंपा है। जिला प्रशासन ने निर्णय लिया है कि शनिवार को शाम के समय चौहट्टा बाजार ट्रैफिक के लिए बंद रखा जाएगा। पिछले कुछ सप्ताहों से इस बारे में कवायद भी की जा रही है। जिसके तहत पुलिस के माध्यम से गांधी चौक से चौहट्टा की ओर जाने वाले सभी वाहनों को रोक दिया जाता है। शहर में आने वाले वाहन जैसे ही चौहट्टा या अस्पताल मार्ग की ओर जाने के लिए इस ओर आते हैं तो यहां पर जाम लग जाता है। गांधी चौक में वाहनों के कारण लोगों का चलना फिरना दुश्वार हो जाता है। उसी तरह अस्पताल मार्ग की ओर जाने वाली सडक पर भी जाम लग जाता है और राहगीरों को भारी दिक्कतें उठानी पडती हैं। गांधी चौक पर वाहन रोक देने से लोगों को अपना वाहन गांधी चौक से मोड कर सेरी मंच की ओर ले जाना पडता है। लेकिन केसरी बंगला पार्किंग से आने वाले वाहनों के कारण भी अक्सर जाम लगा रहता है। अस्पताल मार्ग पर जाम लग जाने के कारण महामृत्युंजय चौक से सेरी बाजार को आने वाली सडक पर भी जाम लग जाता है। चौहट्टा में खडे हो कर इस निर्णय से जहां चहल कदमी करने के लिहाज से लोगों को राहत महसूस हो सकती है। लेकिन चौहट्टा बाजार से बाहर निकल कर अफरा तफरी का मंजर सामने आता है। मंडी शहर में शाम के समय बाजार में सैर करने की बहुत पुरानी संस्कृति रही है। तलावां री कुणी की सैर करने की शहरवासियों में पुरानी रवायत है। इंदिरा मार्केट के चक्कर को पुराने समय में जब यहां तालाब हुआ करता था तो स्थानिय लोग इसे तलावां री कुणी रा चक्कर कहते थे। लेकिन चौहट्टा बंद होने से यह पुरानी रवायत लुप्त होने के कगार पर पहुंच जाएगी। क्योंकि इस सैर में वाहनों के जाम लग जाने से लोगों को भारी दिक्कतें महसूस हो रही हैं। इसके अलावा शहर की बाकी जगहों के लोगों को भी इस फैसले का खामियाजा जाम लगने और ट्रैफिक बढ जाने के कारण उठाना पड रहा है। शहर वासियों का कहना है कि यह फैसला जनविरोधी है। इससे मंडी के स्थानिय लोगों को कोई सुविधा नहीं हुई है बल्कि इससे हानी ही हुई है। चौहट्टा बंद हो जाने से दोपहिया, तिपहिया, रेहडियों की बाढ साथ लगते मुहल्लों की तंग गलियों में घुस आती है। बडी सडक का बोझ इन तंग गलियों को उठाना पडता है। इन रिहायशी इलाकों में बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को खास तौर पर भारी परेशानी उठानी पड रही है। गलियों में वाहनों की बाढ रोके जाने तक चौहट्टा बंद करने का फैसला वापिस लिया जाना चाहिए। अन्यथा तंग गलियों में बढी वाहनों की भीड आए दिन रिहायशी इलाकों में दुर्घटना का सबब बन सकती हैं। जैसा कि यह भी कहा जा रहा है कि मालरोड की तर्ज पर चौहट्टा संवरेगा। लेकिन चौहट्टे को संवारने का काम शहरवासियों की परेशानी की कीमत पर नहीं होना चाहिए। मंडी शहर का इतिहास करीब 500 वर्ष पुराना है और यहां का स्थापित्य, सडकों और गलियों की बनावट और क्षमता को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। ये गलियां उस जमाने का वास्तुशिल्प है और यह आजकल के वाहनों की भारी भीड के लिए उचित नहीं हैं। अगर शहर में बाई पास का निर्माण हो जाए तभी शहर को वाहन मुक्त करने का विचार भलीभूत हो सकता है। चौहट्टा में वैसे भी नो पार्किंग जोन है और अगर प्रशासन चाहे तो ट्रैफिक को शाम के समय वन वे ही रखा जा सकता है जिससे सभी लोगोंं को राहत मिल सके। शहरवासियों का कहना है कि स्थानीय लोगों की परेशानियों को देखते हुए चौहट्टा को बंद करने का फैसला बाईपास बनने तक स्थगित किया जाए और तब तक चौहट्टा से शाम के समय वन वे टैफिक करके समस्या का समाधान किया जाए।

मंडी में बनाया जाए आधुनिक पुस्तकालयः शहीद भगत सिंह विचार मंच

मंडी। प्रदेश की सांस्कृतिक और बौद्धिक राजधानी मंडी में आधुनिक और बेहतरीन पुस्तकालय के निर्माण की मांग की गई है। इस संदर्भ में शहर की संस्...