कंपनी का कहना था कि उपभोक्ता की जमा करवाई गई प्रिमियम राशि का चैक बाउंस हो गया था। जिसके कारण अदायगी नहीं की गई। फोरम ने अपने फैसले में कहा कि कंपनी की ओर से चैक बाउंस होने के बारे में कोई तथ्य पेश नहीं किए गए। जिससे कंपनी का यह तर्क साबित नहीं हो सका। फोरम ने कंपनी के उपभोक्ता के पक्ष में सरेंडर राशि की अदायगी न करने को सेवाओं में करार देते हुए राशि की अदायगी ब्याज सहित करने के आदेश दिए। इसके अलावा कंपनी की सेवाओं में कमी से उपभोक्ता को पहुंची मानसिक परेशानी के बदले हर्जाना और शिकायत व्यय भी अदा करने का फैसला सुनाया।
Tuesday, 15 May 2012
उपभोक्ता की पालिसी की सरेंडर वैल्यु ब्याज सहित अदा करने के आदेश
कंपनी का कहना था कि उपभोक्ता की जमा करवाई गई प्रिमियम राशि का चैक बाउंस हो गया था। जिसके कारण अदायगी नहीं की गई। फोरम ने अपने फैसले में कहा कि कंपनी की ओर से चैक बाउंस होने के बारे में कोई तथ्य पेश नहीं किए गए। जिससे कंपनी का यह तर्क साबित नहीं हो सका। फोरम ने कंपनी के उपभोक्ता के पक्ष में सरेंडर राशि की अदायगी न करने को सेवाओं में करार देते हुए राशि की अदायगी ब्याज सहित करने के आदेश दिए। इसके अलावा कंपनी की सेवाओं में कमी से उपभोक्ता को पहुंची मानसिक परेशानी के बदले हर्जाना और शिकायत व्यय भी अदा करने का फैसला सुनाया।
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
मंडी में बनाया जाए आधुनिक पुस्तकालयः शहीद भगत सिंह विचार मंच
मंडी। प्रदेश की सांस्कृतिक और बौद्धिक राजधानी मंडी में आधुनिक और बेहतरीन पुस्तकालय के निर्माण की मांग की गई है। इस संदर्भ में शहर की संस्...
-
मंडी। करीब पाँच सौ साल पहले स्थापित हुए हिमाचल प्रदेश के मण्डी नगर के बिखरे पड़े दुर्लभ चित्रों को एक एलबम के रूप में समेटने का प्रय...
-
राहुल सांकृत्यायन की श्रेष्ठ कृति दर्शन-दिग्दर्शन का अध्ययन पूरा हुआ। दर्शन जैसे विषय पर मेरे जीवन में पढ़ी गई शायद यह पहली पुस्तक है। प...
-
मंडी। जाति-पाति की जडें समाज को अभी भी कितने गहरे से जकडे हुई हैं इसके प्रमाण अक्सर सामने आते रहते हैं। समाज में गहरी समाई परंपरागत जाति...
No comments:
Post a Comment