मंडी। विवाहिता को प्रताडित करके आत्महत्या को प्रेरित करने के मामले में अदालत ने आरोपी सास को जमानत पर रिहा करने के आदेश दिये हैं। अदालत ने पुलिस तहकीकात में शामिल रहने और मामले के सबूतों से छेडखानी न करने के निर्देशों सहित आरोपी को जमानत दी है। फास्ट ट्रैक कोर्ट के पीठासीन अधिकारी पदम सिंह ठाकुर के न्यायलय ने जोगिन्द्र नगर तहसील के धुरली (समौण) निवासी कमला देवी पत्नी फागणु राम की जमानत याचिका को स्वीकारते हुए 10,000 रूपये की जमानती और व्यक्तिगत जमानती राशियों पर रिहा कर दिया। उल्लेखनीय है कि जोगिन्द्र नगर थाना पुलिस ने विवाहिता के आत्महत्या करने पर आरोपी सास के खिलाफ 15 फरवरी 2013 को भादंसं की धारा 498-ए और 306 के तहत मामला दर्ज करके उसे हिरासत में लिया था। याचिकाकर्ता आरोपी महिला की ओर से अधिवक्ता राजेश कुमार के माध्यम से दायर जमानत याचिका के अनुसार आरोपी को इस मामले में झूठा फंसाया गया है। आरोपी सास ने विवाहिता को आत्महत्या के लिये प्रेरित नहीं किया था। जबकि अभियोजन पक्ष का याचिका के जवाब में कहना था कि विवाहिता के साथ उसकी सास मारपीट करती रहती थी। जिसके कारण विवाहिता ने आत्महत्या की है। अदालत ने दोनो पक्षों की ओर से सुनवाई के बाद कहा याचिका के फैसले में कहा कि याचिकाकर्ता की आयु 65 वर्ष है। इसके अलावा सास-बहु के बीच छोटे मोटे कहासुनी के अलावा आत्महत्या को प्रेरित करने के बारे में कोई तथ्य सामने नहीं आया है। ऐसे में अदालत ने याचिका को स्वीकार करके उसे दस-2 हजार रूपये की जमानती और व्यक्तिगत राशियों पर सशर्त रिहा करने का आदेश दिया। Friday, 1 March 2013
आत्महत्या को प्रेरित करने की आरोपी सास को मिली जमानत
मंडी। विवाहिता को प्रताडित करके आत्महत्या को प्रेरित करने के मामले में अदालत ने आरोपी सास को जमानत पर रिहा करने के आदेश दिये हैं। अदालत ने पुलिस तहकीकात में शामिल रहने और मामले के सबूतों से छेडखानी न करने के निर्देशों सहित आरोपी को जमानत दी है। फास्ट ट्रैक कोर्ट के पीठासीन अधिकारी पदम सिंह ठाकुर के न्यायलय ने जोगिन्द्र नगर तहसील के धुरली (समौण) निवासी कमला देवी पत्नी फागणु राम की जमानत याचिका को स्वीकारते हुए 10,000 रूपये की जमानती और व्यक्तिगत जमानती राशियों पर रिहा कर दिया। उल्लेखनीय है कि जोगिन्द्र नगर थाना पुलिस ने विवाहिता के आत्महत्या करने पर आरोपी सास के खिलाफ 15 फरवरी 2013 को भादंसं की धारा 498-ए और 306 के तहत मामला दर्ज करके उसे हिरासत में लिया था। याचिकाकर्ता आरोपी महिला की ओर से अधिवक्ता राजेश कुमार के माध्यम से दायर जमानत याचिका के अनुसार आरोपी को इस मामले में झूठा फंसाया गया है। आरोपी सास ने विवाहिता को आत्महत्या के लिये प्रेरित नहीं किया था। जबकि अभियोजन पक्ष का याचिका के जवाब में कहना था कि विवाहिता के साथ उसकी सास मारपीट करती रहती थी। जिसके कारण विवाहिता ने आत्महत्या की है। अदालत ने दोनो पक्षों की ओर से सुनवाई के बाद कहा याचिका के फैसले में कहा कि याचिकाकर्ता की आयु 65 वर्ष है। इसके अलावा सास-बहु के बीच छोटे मोटे कहासुनी के अलावा आत्महत्या को प्रेरित करने के बारे में कोई तथ्य सामने नहीं आया है। ऐसे में अदालत ने याचिका को स्वीकार करके उसे दस-2 हजार रूपये की जमानती और व्यक्तिगत राशियों पर सशर्त रिहा करने का आदेश दिया।
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