मंडी। सर्किट कोर्ट के विरोध में गठित प्रदेश संयुक्त संघर्ष समिति ने इस पूरे सप्ताह अदालतों का बाहिष्कार कर हडताल करने का ऐलान किया है। रविवार को शिमला जिला बार ऐसोसिएशन के आहवान पर प्रदेश भर की सात जिला बार एसोसिएशनों ने संघर्ष समिति का गठन करके यह निर्णय लिया है। सोमवार को मंडी जिला एवं सत्र न्यायलय के कार्यरत अधिवक्ताओं ने अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखते हुए अदालतों का बाहिष्कार किया। अधिवक्ताओं के आंदोलन को समर्थन देते हुए नोटरी पब्लिक, ओथ कमीश्नर और टाइपिस्ट एसोसिएशन ने भी अपना कामकाज ढप्प रखा। सोमवार सुबह जिला बार एसोसिएशन की ओर से न्यायलय परिसर में जनसभा का आयोजन किया गया। जिसमें एसोसिएशन के अध्यक्ष भारत भूषण शर्मा और महासचिव लोकेन्द्र कुटलैहडिया ने बताया कि शिमला बार एसोसिएशन के आहवान पर रविवार को शिमला में प्रदेश भर के सात जिलों की जिला बार एसोसिएशनों के प्रतिनिधियों ने एक बैठक में भाग लिया। जिसमें धर्मशाला, शिमला, मंडी, सोलन, चंबा, हमीरपूर और ऊना जिला बार एसोसिएशनों के प्रतिनिधि मौजूद थे। बैठक में संयुक्त संघर्ष समिति का गठन करके धर्मशाला के पी सी राणा को अध्यक्ष और मंडी के भारत भूषण शर्मा को उपाध्यक्ष बनाया गया है। बैठक में उच्च न्यायलय के निर्देशों के तहत उपमंडलों में जिला एवं सत्र न्यायलय स्तर के सर्किट कोर्ट लगाने के फैसले का डटकर विरोध करने के लिए प्रदेशभर में रणनिति के तहत आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया गया। जिसके तहत एक सप्ताह तक अदालतों का पुर्ण बाहिष्कार करने का निर्णय लिया है। अगर इस बीच इस मामले का कोई हल नहीं हो पाया तो आंदोलन को और तीव्र किया जाएगा। इधर, संयुक्त संघर्ष समिति के आहवान पर अधिवक्ताओं ने अदालती कार्यवाहियों का बाहिष्कार किया। जबकि अदालतों में प्रौक्सी अधिवक्ताओं से कामकाज का निपटारा किया गया। अधिवक्ताओं ने मंडी शहर के विभिन्न स्थानों से गुजरते हुए जूलूस निकाल कर सर्किट कोर्ट के विरोध में जमकर नारेबाजी की। वहीं पर नोटरी पब्लिक, ओथ कमीश्नर और टाइपिस्ट युनियन ने भी अधिवक्ताओं की मांगों का समर्थन करते हुए अपना कामकाज बंद रखा।
Monday, 28 October 2013
अधिवक्ताओं की संघर्ष समिति ने किया एक हफ्ते हडताल का ऐलान
मंडी। सर्किट कोर्ट के विरोध में गठित प्रदेश संयुक्त संघर्ष समिति ने इस पूरे सप्ताह अदालतों का बाहिष्कार कर हडताल करने का ऐलान किया है। रविवार को शिमला जिला बार ऐसोसिएशन के आहवान पर प्रदेश भर की सात जिला बार एसोसिएशनों ने संघर्ष समिति का गठन करके यह निर्णय लिया है। सोमवार को मंडी जिला एवं सत्र न्यायलय के कार्यरत अधिवक्ताओं ने अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखते हुए अदालतों का बाहिष्कार किया। अधिवक्ताओं के आंदोलन को समर्थन देते हुए नोटरी पब्लिक, ओथ कमीश्नर और टाइपिस्ट एसोसिएशन ने भी अपना कामकाज ढप्प रखा। सोमवार सुबह जिला बार एसोसिएशन की ओर से न्यायलय परिसर में जनसभा का आयोजन किया गया। जिसमें एसोसिएशन के अध्यक्ष भारत भूषण शर्मा और महासचिव लोकेन्द्र कुटलैहडिया ने बताया कि शिमला बार एसोसिएशन के आहवान पर रविवार को शिमला में प्रदेश भर के सात जिलों की जिला बार एसोसिएशनों के प्रतिनिधियों ने एक बैठक में भाग लिया। जिसमें धर्मशाला, शिमला, मंडी, सोलन, चंबा, हमीरपूर और ऊना जिला बार एसोसिएशनों के प्रतिनिधि मौजूद थे। बैठक में संयुक्त संघर्ष समिति का गठन करके धर्मशाला के पी सी राणा को अध्यक्ष और मंडी के भारत भूषण शर्मा को उपाध्यक्ष बनाया गया है। बैठक में उच्च न्यायलय के निर्देशों के तहत उपमंडलों में जिला एवं सत्र न्यायलय स्तर के सर्किट कोर्ट लगाने के फैसले का डटकर विरोध करने के लिए प्रदेशभर में रणनिति के तहत आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया गया। जिसके तहत एक सप्ताह तक अदालतों का पुर्ण बाहिष्कार करने का निर्णय लिया है। अगर इस बीच इस मामले का कोई हल नहीं हो पाया तो आंदोलन को और तीव्र किया जाएगा। इधर, संयुक्त संघर्ष समिति के आहवान पर अधिवक्ताओं ने अदालती कार्यवाहियों का बाहिष्कार किया। जबकि अदालतों में प्रौक्सी अधिवक्ताओं से कामकाज का निपटारा किया गया। अधिवक्ताओं ने मंडी शहर के विभिन्न स्थानों से गुजरते हुए जूलूस निकाल कर सर्किट कोर्ट के विरोध में जमकर नारेबाजी की। वहीं पर नोटरी पब्लिक, ओथ कमीश्नर और टाइपिस्ट युनियन ने भी अधिवक्ताओं की मांगों का समर्थन करते हुए अपना कामकाज बंद रखा।
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