Monday, 15 August 2016

एक ही दिन दो परीक्षाओं से असमंजस में अभ्यर्थी




मंडी। जिला न्यायलयों व परिवहन निगम की परिक्षा एक ही दिन निर्धारित करने से आवेदकों को भारी परेशानी का सामना करना पड रहा है। अधिवक्ता समीर कश्यप ने उच्च न्यायलय और परिवहन निगम से परिक्षा की तिथियों में बदलाव की मांग की है। उन्होने बताया कि उच्च न्यायलय ने प्रदेश के सभी सिविल और सत्र डिविजनों में क्लर्क की परिक्षा के लिए चार सितंबर की तिथि निर्धारित की है। उसी तरह परिवहन निगम ने भी कनिष्ठ कार्यालय सहायक (आईटी) की परिक्षा भी चार सितंबर को ही निर्धारित की है। जिससे आवेदनकर्ता मुश्किल में हैं। एक ही दिन में दो परिक्षाओं में बैठना उनके लिए संभव नहीं है। अधिवक्ता ने मांग की है कि एक ही दिन आयोजित होने वाली इन परिक्षाओं की तिथियों में बदलाव किया जाए। जिससे आवेदक इन परिक्षाओं में बैठने से वंचित न रह सकें।
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Sunday, 14 August 2016

एक दिन 50वें स्वतंत्रता दिवस का



एक दिन
धरा ने मानव को चिन्हा
एक दिन
लोहे का हल उकेरने लगा
भांत-2 के रेखाचित्र
इस प्रान्तर पर
एक दिन
धम्मं शरणमं गच्छामीं को
शिलालेखों और सतम्भों में
गिरफ्त पाया
एक दिन
गंगा के घाट पर
बेहद के मैदान में
सोया जुलाहा कबीर
एक दिन
मसाले के व्यापारी
सोना लूट गए।
एक दिन
खेतों में बंदूक
बोने का विचार
उपजता।
एक दिन
बिहारी बन्धुआ
कश्मीरी खान
घुमता समरहिल में
हॉली लाज के नीचे भी
सर पर जीवन ढोता।
एक दिन
50वें स्वतंत्रता दिवस का
सबसे विक्रित उत्पाद 
आजादी का प्रतीक तिरंगा
इस्तेमाल के बाद 
सड़क पर गिरता
आस्था-अनास्था
आशा-निराशा की
कसौटी पर तुलता।
...समीर कश्यप

यह कविता शिमला में 15 अगस्त 1997 में लिखी थी।
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रोपा स्कूल ने अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस पर पौधरोपण किया



मंडी। राजकीय माध्यमिक पाठशाला रोपा के इको कलब ने अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस उत्साहपूर्वक मनाया। इस अवसर पर क्लब के सदस्यों ने पौधारोपण किया। पाठशाला के छात्रों को संबोधित करते हुए स्कूल के मुखयध्यापक राजेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि युवा वर्ग देश का भविष्य और आधार होते हैं। इसलिए युवा दिवस का बहुत महत्व है। ईको क्लब द्वारा पौधारोपण किए जाने पर उन्होने कहा कि हमें सिर्फ पौधारोपण ही नहीं करना चाहिए बल्कि बच्चों व शिक्षकों को इनकी देखरख की जिममेवारी संभालने के लिए भी आगे आना चाहिए। उन्होने बताया कि क्लब द्वारा लगाए गए पौधों की देखरेख के लिए मुखयअध्यापक राजेन्द्र शर्मा, टीजीटी आर्टस नागो देवी, पीईटी राम लाल और डीएम जयनंद की अगुवाई में छात्रों के विभिन्न समुह बनाए गए हैं। क्लब का प्रत्येक समुह पौधारोपण किए गए करीब एक-एक दर्जन पौधों की देखरेख करेगा।
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Friday, 5 August 2016

इस मानसून सत्र में टीसीपी संशोधित बिल लाए सरकारः संघर्ष समिति




मंडी। मकान नियमितीकरण संघर्ष समिति (मंडी) ने अनाधिकृत भवनों को बिना फीस, नक्शे और जैसे हैं जहां हैं के आधार पर नियमित करने की मांग की है। समिति ने प्रदेश सरकार को ज्ञापन प्रेषित करके आगामी विधानसभा के मानसून सत्र में टीसीपी का संशोधित बिल लाने की मांग की है। इसके अलावा समिति ने नियमितीकरण की प्रक्रिया पूरी होने तक सभी अनाधिकृत भवनों को बिजली और पानी के लिए अनापति प्रमाण पत्र जारी करने की मांग की है। मकान नियमितिकरण संघर्ष समिति के संयोजक उत्तम चंद सैनी, अध्यक्ष अमर चंद वर्मा, पदाधिकारी हितेन्द्र शर्मा, हरमीत सिंह बिट्टू, प्रदीप परमार, समीर कश्यप, सिटीजन कौंसिल के अध्यक्ष ओ पी कपूर, समिति सदस्य सरिता हांडा, लवण ठाकुर, रवि सिंह राणा व मनोज वर्मा ने बताया कि संशोधित बिल इस मानसून सत्र में लाने के लिए प्रदेश के मुखय मंत्री और शहरी विकास मंत्री को टीसीपी का संशोधित बिल विधानसभा के आगामी मानसून सत्र में लाने के लिए ज्ञापन प्रेषित किया गया है। उन्होने बताया कि मौजूदा टीसीपी एक्ट में नियमितीकरण के लिए सरकार ने सामान्य दरों की तुलना में 7000 से 15000 प्रतिशत फीस निर्धारित की हैै। जिसके कारण लोग अपने भवनों को नियमित करने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। इन दरों को निरस्त किया जाए और बिना फीस या आंशिक फीस निर्धारित करके, बिना नक्शे के जैसे हैं जहां हैं के आधार पर नियमित किया जाए। यह भारी भरकम फीस अदा करना आम नागरिक की पहुंंच से बहुत दूर है। समिति ने मांग की है कि 30 प्रतिशत सैट बैक की शर्त को हटाकर शत प्रतिशत डैविएशन को जैसा है वैसा ही नियमित किया जाए। समिति का कहना है कि प्रदेश के अलग-2 शहरों के डिवैलपमैंट प्लान में टीसीपी के अलग-2 नियम हैं। शिमला में जहां सैट बैक 2 मीटर है वहीं मंडी में यह 3 मीटर है। नाहन में 4 जमा एक मंजिल का प्रावधान है जबकि मंडी में सिर्फ 3 जमा एक मंजिल ही बनाई जा सकती है। मंडी में पार्किंग फलोर की ऊंचाई 2.3 मीटर है जबकि टीसीपी के साधारण नियमों में यह 3 मीटर है। समिति ने मांग की है कि इन विसंगतियों को दूर करके मंडी को भी अन्य शहरों की तरह छूट दी जाए और सभी शहरों के लिए एकसमान नियम लागू किए जाएं। समिति का कहना है कि हाल ही में शहरी विकास मंत्री ने शिमला नगर निगम में शामिल ढ़ली, टुटू और पटियोग आदि में बने भवनों को बिना फीस, नक्शा और जैसा है जहां है के आधार पर नियमित कर बिजली पानी की सुविधाएं मुहैया करने का आश्वासन दिया है। उसी तर्ज पर मंडी व अन्य क्षेत्रों में भी नियमितिकरण करके लोगों को पानी बिजली की मूलभूत सुविधा मुहैया करवाई जाए।
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चेक बाउंस के आरोपी की अपील खारिज



मंडी। चेक बाउंस के आरोपी की अपील को खारिज करते हुए अदालत ने सजा के फैसले को बरकरार रखा है। अपीलीय अदालत ने मुखय न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत से आरोपी को सुनाई गई 6 माह के साधारण कारावास और 1,65,000 रूपये हर्जाना राशि अदा करने की सजा का फैसला बरकरार रखा है। जिला एवं सत्र न्यायधीश सी एल कोछड के न्यायलय ने सदर तहसील के गागल गांव निवासी परस राम पुत्र हरी सिंह की अपील को खारिज करते हुए मुखय न्यायिक दंडाधिकारी द्वारा सुनाई गई सजा को बरकरार रखा है। आरोपी परस राम ने सजा के इस फैसले को अपीलीय अदालत में चुनौती दी थी। इस मामले के तथ्यों के मुताबिक हिमाचल ग्रामीण बैंक की गागल शाखा की शिकायत के तहत चलाए गए अभियोग के साबित होने पर सदर तहसील के गागल गांव निवासी परस राम पुत्र हरी सिंह को उक्त सजा का फैसला सुनाया है। बैंक की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता महेश चोपडा के अनुसार आरोपी ने बैंक से वाहन खरीदने के लिए लोन लिया था। लोन को चुकाने के लिए आरोपी ने 25 नवंबर 2011 को एक चैक जारी किया था। बैंक ने जब चेक को भुगतान के लिए लगाया तो आरोपी के खाते में पर्याप्त राशि न होने के कारण यह बाउंस हो गया। जिसके चलते बैंक ने अधिवक्ता के माध्यम से कानूनी नोटिस जारी करके राशि की मांग की थी। लेकिन आरोपी ने न तो राशि ही लौटाई और न ही नोटिस का जवाब दिया। ऐसे में बैंक ने अदालत में निगोशिएबल इंस्ट्रुमेंट अधिनियम की धारा 138 के तहत शिकायत दायर करके आरोपी पर अभियोग चलाया था। अपीलीय अदालत ने अपने फैसले में कहा कि मुखय न्यायिक दंडाधिकारी के न्यायलय ने अभियोग के दौरान दोनों पक्षों के विवाद को ठीक ढंग से समझते हुए सही निश्कर्ष पर पहुंच कर सजा का फैसला सुनाया है। ऐसे में अदालत ने आरोपी की अपील को खारिज करते हुए सजा के फैसले को सही करार दिया है।
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अधिवक्ता के निधन पर शोक


मंडी। मंगलवार को सुंदरनगर के अधिवक्ता विश्वजीत तिवारी और एडवोकेट भूपेन्द्र शर्मा की माता नर्वदा देवी के देहांत से जिला के विधिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड गई है। जानकारी के मुताबिक अधिवक्ता भूपेन्द्र शर्मा की माता नर्वदा देवी (65) का मंगलवार को उनके गांव नागचला में देहांत हो गया। वह पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रही थी। इधर, सुंदरनगर न्यायलय में कार्यरत अधिवक्ता विश्वजीत तिवारी का भी मंगलवार को देहावसान हो गया। वह लंबे अरसे से सुंदरनगर न्यायलय में प्रैक्टिस कर रहे थे और पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष नीरज कपूर ने अधिवक्ता विश्वजीत तिवारी और अधिवक्ता भूपेन्द्र शर्मा की माता नर्वदा देवी के निधन पर एसोसिएशन की ओर से दुख प्रकट करते हुए शोक संतप्त परिवारों को संवेदनाएं प्रेषित की है।
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Thursday, 4 August 2016

जुलूस बन जाने को





जुलूस बन जाने को...

शहर बहुत साफ सुथरा
लग रहा है
सडकों के किनारे
जहां लगी रहती थी
लोगों की भिनभिनाहट
अब वहां कोई नहीं है
पहरा देती
पुलिस के सिवाय।

शहर की गंदगी
ट्रैफिक की समस्या
हल हो गई है
गंद फैलाने वाले
अब सारे चानणी में
कनातें लगाए दरियां बिछाए
कोने में सिमट कर
विरोध प्रकट कर रहे हैं।

शहर में ऐसा
पिछले करीब दस दिन से हो रहा है
कनातों से घिरे लोगों का झुरमुट
कभी धीरे धीरे बडा हो
जुलूस की शक्ल ले
शहर को साफ करवाने वालों
की ओर बढता है
तो पुलिस चौकन्नी हो जाती है
वर्दी और सादी वेशभूषा में
बिखर जाती है
गुप्तचर अपना काम शुरू कर देते हैं
किले, महल यानि बडे कार्यालय
के गेट पर सबसे ताकतवरों
की तैनाती से
सुरक्षा तैयारी पूरी होती जाती है।

जोशपूर्ण नारों के साथ
जुलूस आगे बढता है
पुलिस का काफिला
इसे रोकता है
किसी भी चाल से उन्हे
लात मुक्के, घूंसे, डंडे बरसाकर
पीछे धकलने में
कामयाब भी हो जाता है आखिरकार।

टकराव में जुलूस पर
हाथ झाड लेने और
धकेलने के बाद
खाली हुई जगह में
गिरे रह गए सामान
चप्पलों, जुतों को देख
अपने शौर्य पर
गर्वित सा मुस्कराता है
 स्पोर्टसमैन कोटे से
भर्ती हुआ युवा सिपाही।

जुलूस के गेट से बाहर हो जाने पर
पुलिस निश्चिंत हो जाती है
किला, महल यानी कार्यालय
अब सुरक्षित है
धक्का मुक्की, गुत्थम गुत्थी में
पुलिस का काफिला
पसीने से तरबतर हुआ है
तो वहीं जूलूस के
नारों का संवेग
तीव्रतर हुआ है
आखिर क्यों घुसना चाहता था
जुलूस कार्यालय में
इससे पुलिस को सरोकार नहीं
गुप्तचरों ने जितने सिरों के
जुलूस में होने की खबर दी है
उसके लिए अमला काफी है
काफिले के कप्तान को इत्मीनान है।

दिन भर जुलूस
दफ्तर को घेरे रखता है
थू थू हाय हाय करता है
दफ्तर का हर कमरा
यह सब सुनता हुआ
अनसुना करता है
जूलूस को तोडने की
साजिशें रचता है
घंटों कानों को
पका देने वाले
नारों को सुनने को
बाध्य रहता है।

जूलूस ने कहा
पथ विक्रेता अधिनियम
मजदूर दिवस 2014 से
भारत सरकार के राजपत्र में
घोषित होकर
अब सारे देश में लागू है
प्रशासन कहता है होगा
हमें नहीं मालूम पर
शहर को साफ रखना है
सडकों किनारे सब्जी,
फल, गोलगप्पे, चने,
अखबार बेचना
शहर की शोभा और शान
खराब करना है
अफसरों के वाहनों को
भी तो बाजार से गुजरना है।

जूलूस कहता
शहर को साफ करना तो ठीक है
उनके पेट भरने का प्रबंध
पथ विक्रेता अधिनियम के तहत
इससे पहले करना है
शहर साफ बनाना है
तो क्या पहले
वेंडिंग जोन नहीं बनाना है।
 रोजी रोटी छिनने से पहले
एक्ट के तहत
काम की जगह नहीं दिलवाना है।

दिन भर की जदोजहद के बाद
जुलूस लौट आया है चानणी में
अपनी कनातों और दरियों पर
शहर को साफ रखने के नाम पर
पुलिस के दम पर
रोजी रोटी कमाने की
जगहों से खदेडे गयों को
यह सफाई ही
प्रेरणा बिंदू बन
एकत्र करेगी उन्हे
जीविका के अधिकार को
हासिल करने के लिए
जुलूस बन जाने को।
- समीर कश्यप
4-8-2016
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मंडी में बनाया जाए आधुनिक पुस्तकालयः शहीद भगत सिंह विचार मंच

मंडी। प्रदेश की सांस्कृतिक और बौद्धिक राजधानी मंडी में आधुनिक और बेहतरीन पुस्तकालय के निर्माण की मांग की गई है। इस संदर्भ में शहर की संस्...