अधिवक्ता पुष्पराज शर्मा के माध्यम से फोरम में दायर शिकायत के अनुसार उपभोक्ता ने इंटरनेशनल ट्रैक्टर के डीलर नेरचौक के शोरूम से एक ट्रैक्टर खरीदा था जिसमें अपोलो कंपनी के टायर लगे हुए थे। इन टायरों की 2400 घंटों की वारंटी अवधि थी। 700 घंटे के बाद ही दोनों पिछले टायर खराब हो गए। उपभोक्ता ने शोरूम में टायरों के बारे में शिकायत की। इसके बाद ट्रैक्टर कंपनी ने विशेषज्ञ से टायरों का निरीक्षण करवाया था। उपभोक्ता को जल्द टायर बदलने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन बाद में उपभोक्ता का मुआवजा इस आधार पर खारिज कर दिया गया था कि उपभोक्ता ने टायरों का प्रयोग लगातारअसमतल धरातल में किया था जिससे टायरों को क्षति पहुंची। फोरम ने अपने फैसले में कहा कि टायर में खराबी निर्माणाधीन खराबी थी जो वारंटी अवधि में ही सामने आई थी। ऐसे में फोरम ने वारंटी अवधि में टायर न बदलने को सेवाओं में कमी मानते हुए तीस दिन में टायर बदलने के अलावा हर्जाना और शिकायत व्यय भी अदा करने का फैसला सुनाया।
Monday, 19 September 2011
सेवाओं में कमी टायर निर्माता और विक्रेता पर पडी भारी
अधिवक्ता पुष्पराज शर्मा के माध्यम से फोरम में दायर शिकायत के अनुसार उपभोक्ता ने इंटरनेशनल ट्रैक्टर के डीलर नेरचौक के शोरूम से एक ट्रैक्टर खरीदा था जिसमें अपोलो कंपनी के टायर लगे हुए थे। इन टायरों की 2400 घंटों की वारंटी अवधि थी। 700 घंटे के बाद ही दोनों पिछले टायर खराब हो गए। उपभोक्ता ने शोरूम में टायरों के बारे में शिकायत की। इसके बाद ट्रैक्टर कंपनी ने विशेषज्ञ से टायरों का निरीक्षण करवाया था। उपभोक्ता को जल्द टायर बदलने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन बाद में उपभोक्ता का मुआवजा इस आधार पर खारिज कर दिया गया था कि उपभोक्ता ने टायरों का प्रयोग लगातारअसमतल धरातल में किया था जिससे टायरों को क्षति पहुंची। फोरम ने अपने फैसले में कहा कि टायर में खराबी निर्माणाधीन खराबी थी जो वारंटी अवधि में ही सामने आई थी। ऐसे में फोरम ने वारंटी अवधि में टायर न बदलने को सेवाओं में कमी मानते हुए तीस दिन में टायर बदलने के अलावा हर्जाना और शिकायत व्यय भी अदा करने का फैसला सुनाया।
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
मंडी में बनाया जाए आधुनिक पुस्तकालयः शहीद भगत सिंह विचार मंच
मंडी। प्रदेश की सांस्कृतिक और बौद्धिक राजधानी मंडी में आधुनिक और बेहतरीन पुस्तकालय के निर्माण की मांग की गई है। इस संदर्भ में शहर की संस्...
-
मंडी। करीब पाँच सौ साल पहले स्थापित हुए हिमाचल प्रदेश के मण्डी नगर के बिखरे पड़े दुर्लभ चित्रों को एक एलबम के रूप में समेटने का प्रय...
-
राहुल सांकृत्यायन की श्रेष्ठ कृति दर्शन-दिग्दर्शन का अध्ययन पूरा हुआ। दर्शन जैसे विषय पर मेरे जीवन में पढ़ी गई शायद यह पहली पुस्तक है। प...
-
मंडी। जाति-पाति की जडें समाज को अभी भी कितने गहरे से जकडे हुई हैं इसके प्रमाण अक्सर सामने आते रहते हैं। समाज में गहरी समाई परंपरागत जाति...
No comments:
Post a Comment