मंडी। मकान नियमितीकरण संघर्ष समिति (मण्डी) की बैठक रविवार को इंदिरा मार्केट की गोल पौडी में आयोजित की गई। बैठक में नगरपरिषद और टीसीपी कानूनों के कारण शहरवासियों को हो रही परेशानी के बारे में चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष अमर चंद वर्मा ने की। समिति के संयोजक उतम चंद सैनी ने कहा कि शहरवासियों को नगरपरिषद और टीसीपी कानूनों की आड़ में मूलभूत सुविधाओं से वंचित कर देना संविधान प्रदत मूल अधिकारों व मानवाधिकारियों का उल्लंघन है। उस पर इन आशियानों को नियमित करने की बेहद कठिन प्रक्रिया भी महंगी दरों पर घोषित की जा रही है जो सहुलियत की बजाय दंडात्मक अधिक है। हरियाणा में जहां मकानों को नियमित करने के लिए सरकार एक वर्ग फुट के 20 रूपये वसूल कर रही है। वहीं पर प्रदेश सरकार ने मकानों को एक हजार रूपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से नियमित करने का फैसला लिया है। उन्होने कहा कि मंडी शहर 1526 ई. में बस गया था। इस ऐतिहासिक शहर में नगर परिषद और टीसीपी कानूनों के तहत मकान बनाना असंभव कार्य है। ऐसे में पुरानी टाउनशीप में इन कानूनों को लागू नहीं किया जाना चाहिए और इनका अमल हिमुडा, हाउसिंह बोर्ड की कलोनियों, नये शहर या सरकारी इमारतों पर लागू किया जाना चाहिए। समिति के अध्यक्ष अमर चंद वर्मा ने कहा कि रोटी, कपडा और मकान हरेक नागरिक की मूल जरूरतें होती हैं। जिन्हे मुहैया करवाना सरकार की जिममेवारी होती है। लोग मेहनत मजदूरी करके रोटी-कपडा तो कमा लेते हैं लेकिन मकान के लिए उन्हे भारी संघर्ष से गुजरना पडता है। ऐसे में सरकार को लोगों को आशियाने मुहैया करवाने और उन मकानों में मूलभूत सुविधा बिजली पानी की व्यवस्था प्रदान करने का भी दायित्व होता है। सरकार को शहरों में रहने वाले नागरिकों के आशियाने संवारने चाहिए जबकि इन कठोर कानूनों की आड में उनके आशियाने उजाडे जा रहे है और उन्हे मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है। समिति के प्रेस सचिव समीर कश्यप ने बताया कि समिति ने मकानों को नियमित करने के लिए प्रदेश सरकार को ज्ञापन प्रेषित किया है। इसके अलावा समिति इन कानूनों से प्रभावित लोगों से संपर्क करके संघर्ष की रणनिति तय करेगी। जिसके लिए आगामी 15 मार्च को समिति की बैठक निर्धारित की गई है। बैठक में रमेश वालिया, आर पी शर्मा, सुरिन्द्र, हेम राज पठानिया, लाल चंद, राकेश कुमार, पंकज वालिया, हरमीत सिंह बिट्टू, मुरारी लाल शर्मा, चेत राम और प्रदीप परमार भी मौजूद रहे। Sunday, 23 February 2014
मकान नियमितिकरण संघर्ष समिति की बैठक आयोजित
मंडी। मकान नियमितीकरण संघर्ष समिति (मण्डी) की बैठक रविवार को इंदिरा मार्केट की गोल पौडी में आयोजित की गई। बैठक में नगरपरिषद और टीसीपी कानूनों के कारण शहरवासियों को हो रही परेशानी के बारे में चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष अमर चंद वर्मा ने की। समिति के संयोजक उतम चंद सैनी ने कहा कि शहरवासियों को नगरपरिषद और टीसीपी कानूनों की आड़ में मूलभूत सुविधाओं से वंचित कर देना संविधान प्रदत मूल अधिकारों व मानवाधिकारियों का उल्लंघन है। उस पर इन आशियानों को नियमित करने की बेहद कठिन प्रक्रिया भी महंगी दरों पर घोषित की जा रही है जो सहुलियत की बजाय दंडात्मक अधिक है। हरियाणा में जहां मकानों को नियमित करने के लिए सरकार एक वर्ग फुट के 20 रूपये वसूल कर रही है। वहीं पर प्रदेश सरकार ने मकानों को एक हजार रूपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से नियमित करने का फैसला लिया है। उन्होने कहा कि मंडी शहर 1526 ई. में बस गया था। इस ऐतिहासिक शहर में नगर परिषद और टीसीपी कानूनों के तहत मकान बनाना असंभव कार्य है। ऐसे में पुरानी टाउनशीप में इन कानूनों को लागू नहीं किया जाना चाहिए और इनका अमल हिमुडा, हाउसिंह बोर्ड की कलोनियों, नये शहर या सरकारी इमारतों पर लागू किया जाना चाहिए। समिति के अध्यक्ष अमर चंद वर्मा ने कहा कि रोटी, कपडा और मकान हरेक नागरिक की मूल जरूरतें होती हैं। जिन्हे मुहैया करवाना सरकार की जिममेवारी होती है। लोग मेहनत मजदूरी करके रोटी-कपडा तो कमा लेते हैं लेकिन मकान के लिए उन्हे भारी संघर्ष से गुजरना पडता है। ऐसे में सरकार को लोगों को आशियाने मुहैया करवाने और उन मकानों में मूलभूत सुविधा बिजली पानी की व्यवस्था प्रदान करने का भी दायित्व होता है। सरकार को शहरों में रहने वाले नागरिकों के आशियाने संवारने चाहिए जबकि इन कठोर कानूनों की आड में उनके आशियाने उजाडे जा रहे है और उन्हे मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है। समिति के प्रेस सचिव समीर कश्यप ने बताया कि समिति ने मकानों को नियमित करने के लिए प्रदेश सरकार को ज्ञापन प्रेषित किया है। इसके अलावा समिति इन कानूनों से प्रभावित लोगों से संपर्क करके संघर्ष की रणनिति तय करेगी। जिसके लिए आगामी 15 मार्च को समिति की बैठक निर्धारित की गई है। बैठक में रमेश वालिया, आर पी शर्मा, सुरिन्द्र, हेम राज पठानिया, लाल चंद, राकेश कुमार, पंकज वालिया, हरमीत सिंह बिट्टू, मुरारी लाल शर्मा, चेत राम और प्रदीप परमार भी मौजूद रहे।
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