उन्होने कहा कि वह एक समर्पित थियेटर की कलाकार थी। उनके सांस्कृतिक योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हे पदमश्री से अलंकृत किया था। उन्होने जीवन भर समाज के प्रति प्रतिबधता रखते हुए एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में अपना योगदान दिया। उनकी प्रतिबधता संगठन में काम करने वाले सांस्कृतिक कर्मियों के लिए हमेशा प्रेरणा देती रही है।
Saturday, 12 July 2014
इप्टा ने दी जोहरा को श्रद्धांजली
उन्होने कहा कि वह एक समर्पित थियेटर की कलाकार थी। उनके सांस्कृतिक योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हे पदमश्री से अलंकृत किया था। उन्होने जीवन भर समाज के प्रति प्रतिबधता रखते हुए एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में अपना योगदान दिया। उनकी प्रतिबधता संगठन में काम करने वाले सांस्कृतिक कर्मियों के लिए हमेशा प्रेरणा देती रही है।
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
मंडी में बनाया जाए आधुनिक पुस्तकालयः शहीद भगत सिंह विचार मंच
मंडी। प्रदेश की सांस्कृतिक और बौद्धिक राजधानी मंडी में आधुनिक और बेहतरीन पुस्तकालय के निर्माण की मांग की गई है। इस संदर्भ में शहर की संस्...
-
मंडी। करीब पाँच सौ साल पहले स्थापित हुए हिमाचल प्रदेश के मण्डी नगर के बिखरे पड़े दुर्लभ चित्रों को एक एलबम के रूप में समेटने का प्रय...
-
राहुल सांकृत्यायन की श्रेष्ठ कृति दर्शन-दिग्दर्शन का अध्ययन पूरा हुआ। दर्शन जैसे विषय पर मेरे जीवन में पढ़ी गई शायद यह पहली पुस्तक है। प...
-
मंडी। जाति-पाति की जडें समाज को अभी भी कितने गहरे से जकडे हुई हैं इसके प्रमाण अक्सर सामने आते रहते हैं। समाज में गहरी समाई परंपरागत जाति...
No comments:
Post a Comment