उन्होने बताया कि मयुनिसिपल एक्ट की धारा 28 के तहत प्रत्येक माह साधारण सभा की बैठक बुलानी लाजमी है। लेकिन इन प्रावधानों को नजरअंदाज करके बैठक बुलाने के लिए कोई तवज्जो नहीं दी जा रही है। उन्होने बताया कि नगर परिषद मंडी को 3.78 करोड और 22 लाख रूपये विकास कार्यों के लिए आए हैं। लेकिन साधारण बैठक आयोजित न करने से सभी कार्यों पर अडंगा लग गया है। वहीं पर टीसीपी के तहत आपतियों और सुझावों के लिए शहरवासियों और पार्षदों की ओर से बात रखी जानी है। लेकिन बैठक न होने से पार्षद जनभावनाओं को सरकार तक पहुंचाने में असमर्थ है। उन्होने बताया कि पिछली साधारण सभा में लिए गए विकासात्मक कार्यों से संबंधित निर्णयों को काटा जा रहा है। इसके अलावा सभा में निर्णय लिया गया था कि बैठक में मीडिया को भी आमंत्रित किया जाए। जिससे बैठक की पारदर्शिता बनी रहे। लेकिन इस निर्णय को भी अमली जामा नहीं पहनाया जा रहा है। इन परिस्थितियों में नगर परिषद के पार्षदों ने नगर परिषद अधिनियम के तहत उपायुक्त मंडी और उपमंडलाधिकारी को हस्ताक्षेप करके जल्द से जल्द साधारण सभा की बैठक आयोजित करने का आग्रह किया है।Friday, 15 August 2014
साधारण सभा की बैठक बुलाने की मांग
उन्होने बताया कि मयुनिसिपल एक्ट की धारा 28 के तहत प्रत्येक माह साधारण सभा की बैठक बुलानी लाजमी है। लेकिन इन प्रावधानों को नजरअंदाज करके बैठक बुलाने के लिए कोई तवज्जो नहीं दी जा रही है। उन्होने बताया कि नगर परिषद मंडी को 3.78 करोड और 22 लाख रूपये विकास कार्यों के लिए आए हैं। लेकिन साधारण बैठक आयोजित न करने से सभी कार्यों पर अडंगा लग गया है। वहीं पर टीसीपी के तहत आपतियों और सुझावों के लिए शहरवासियों और पार्षदों की ओर से बात रखी जानी है। लेकिन बैठक न होने से पार्षद जनभावनाओं को सरकार तक पहुंचाने में असमर्थ है। उन्होने बताया कि पिछली साधारण सभा में लिए गए विकासात्मक कार्यों से संबंधित निर्णयों को काटा जा रहा है। इसके अलावा सभा में निर्णय लिया गया था कि बैठक में मीडिया को भी आमंत्रित किया जाए। जिससे बैठक की पारदर्शिता बनी रहे। लेकिन इस निर्णय को भी अमली जामा नहीं पहनाया जा रहा है। इन परिस्थितियों में नगर परिषद के पार्षदों ने नगर परिषद अधिनियम के तहत उपायुक्त मंडी और उपमंडलाधिकारी को हस्ताक्षेप करके जल्द से जल्द साधारण सभा की बैठक आयोजित करने का आग्रह किया है।
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